रामगढ़ पुलिस की बड़ी पहल: 581 अपराधियों का डिजिटल प्रोफाइल तैयार, 35 पर सीसीए और 163 के खिलाफ निगरानी प्रस्ताव

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रामगढ़ कैंट, झारखंड : जिले में अपराध नियंत्रण, सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने और आपराधिक घटनाओं का त्वरित उद्भेदन करने के उद्देश्य से रामगढ़ पुलिस ने अपराधियों की निगरानी व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत गठित 36 सदस्यीय अपराध रोकथाम एवं उद्भेदन शाखा तथा डिजिटल अपराधी निगरानी पोर्टल के कार्यों की गुरुवार को पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने समीक्षा की। समीक्षा में अब तक 581 आरोप-पत्रित अपराधियों का सत्यापन कर उनका डिजिटल प्रोफाइल तैयार किए जाने की जानकारी दी गई।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस निरीक्षक, थाना एवं ओपी प्रभारी तथा संबंधित नोडल पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में अपराधियों के दोहरा सत्यापन, डिजिटल प्रोफाइल तैयार करने और उनकी नियमित निगरानी की प्रगति की समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

1,971 अपराधियों की तैयार की गई सूची

रामगढ़ पुलिस के अनुसार, 1 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2026 तक विभिन्न अपराध श्रेणियों में आरोप-पत्रित कुल 1,971 अपराधियों को चिह्नित कर उनकी सूची तैयार की गई है। इसमें रामगढ़ जिले के 1,374, झारखंड के अन्य जिलों के 458 तथा झारखंड राज्य के बाहर के 139 अपराधी शामिल हैं।

इन अपराधियों की पहचान कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए रामगढ़ पुलिस ने 36 सदस्यीय अपराध रोकथाम एवं उद्भेदन शाखा का गठन किया है। इसके साथ ही डिजिटल अपराधी निगरानी पोर्टल विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से अपराधियों का आपराधिक इतिहास, वर्तमान पता, सत्यापन संबंधी जानकारी और अपराध करने के तरीके का विवरण डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जा रहा है।

नौ अपराध श्रेणियों के 581 अपराधियों का सत्यापन

पिछले तीन महीनों में विशेष अभियान चलाकर जिले की नौ प्रमुख अपराध श्रेणियों के आरोप-पत्रित अपराधियों का सत्यापन किया गया। इनमें शस्त्र अधिनियम, रंगदारी, स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, डकैती, लूट, छिनतई, चोरी, वाहन चोरी और गृहभेदन के मामले शामिल हैं।

इस अभियान के तहत कुल 581 अपराधियों का सत्यापन कर उनका डिजिटल प्रोफाइल तैयार किया गया और पोर्टल पर अपलोड किया गया।

सत्यापन के बाद अपराधियों पर हुई कार्रवाई

पुलिस द्वारा सत्यापन के बाद अपराधियों के विरुद्ध अलग-अलग कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। इसके तहत कुल 35 अपराधियों के विरुद्ध अपराध नियंत्रण अधिनियम (सीसीए) के अंतर्गत प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इनमें चार अपराधियों के जिला बदर, 27 अपराधियों की थाना में नियमित हाजिरी तथा चार अपराधियों के निरुद्धादेश से संबंधित प्रस्ताव शामिल हैं।

इसके अलावा 163 अपराधियों के विरुद्ध निगरानी प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। 56 अपराधियों के नाम गुंडा पंजी में दर्ज करने की कार्रवाई की गई है, जबकि 105 अपराधियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 129 के तहत कार्रवाई की गई है।

अपराध श्रेणीवार सत्यापन का विवरण

रामगढ़ पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार विभिन्न अपराध श्रेणियों में चिह्नित अपराधियों की संख्या इस प्रकार है—

  • शस्त्र अधिनियम: 156 अपराधी।

  • रंगदारी: 43 अपराधी।

  • स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम: 49 अपराधी।

  • डकैती: 21 अपराधी।

  • लूट: 22 अपराधी।

  • छिनतई: 12 अपराधी।

  • चोरी: 265 अपराधी।

  • वाहन चोरी: 83 अपराधी।

  • गृहभेदन: 80 अपराधी।

इन नौ श्रेणियों में कुल 731 अपराधियों को चिह्नित किया गया था। इनमें से 581 का सत्यापन कर डिजिटल प्रोफाइल तैयार किया गया है। आंकड़ों के अनुसार चोरी के मामलों में सर्वाधिक 265 अपराधियों को चिह्नित किया गया है। इसके बाद शस्त्र अधिनियम के 156 और वाहन चोरी के 83 अपराधी शामिल हैं।

दो स्तरों पर होगा अपराधियों का सत्यापन

समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक आरोप-पत्रित अपराधी का दो स्तरों पर भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके तहत संबंधित मामले के थाना द्वारा अपराधी का सत्यापन किया जाएगा। वहीं, यदि अपराधी किसी दूसरे थाना क्षेत्र में निवास करता है तो उसके वर्तमान निवास क्षेत्र के संबंधित थाना को भी सत्यापन की जिम्मेदारी दी जाएगी।

सत्यापन के बाद प्रत्येक अपराधी की डिजिटल प्रोफाइल को अद्यतन करने का निर्देश दिया गया। इसमें उसके आपराधिक इतिहास, वर्तमान पता, सत्यापन की स्थिति और अपराध करने के तरीके से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज की जाएंगी।

जमानत पर बाहर आए अपराधियों पर रहेगी विशेष नजर

पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से उन अपराधियों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है, जो वर्तमान में सक्रिय हैं, बार-बार आपराधिक घटनाओं में शामिल पाए गए हैं अथवा जेल से जमानत पर बाहर आ चुके हैं। ऐसे अपराधियों का नियमित सत्यापन और निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

इसके साथ ही अलग-अलग थाना क्षेत्रों में रहने वाले अपराधियों से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान की व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया, ताकि किसी आपराधिक घटना के घटित होने पर संदिग्धों और पूर्व अपराधियों की पहचान करने में आसानी हो।

पोर्टल से अपराध विश्लेषण और त्वरित उद्भेदन में मिलेगी मदद

पुलिस अधीक्षक ने डिजिटल अपराधी निगरानी पोर्टल में उपलब्ध जानकारियों का उपयोग अपराध विश्लेषण, संदिग्धों की पहचान, अपराधियों की पूर्व गतिविधियों का अध्ययन और लंबित कांडों के त्वरित उद्भेदन में करने का निर्देश दिया।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि अपराधियों के विरुद्ध आवश्यकता के अनुसार विस्तृत विवरणिका (डोजियर) तैयार करने, निगरानी प्रस्ताव भेजने, अपराध नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने, जमानत निरस्तीकरण का प्रस्ताव देने तथा स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम के तहत आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने की कार्रवाई की जाए। इसके अलावा गुंडा बही और गिरोह पंजी में भी नियमानुसार प्रविष्टि सुनिश्चित करने को कहा गया।

एक माह में हत्या और उत्पाद अधिनियम के अपराधियों का भी बनेगा डिजिटल प्रोफाइल

समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक ने अगले एक महीने के भीतर शेष बची दो प्रमुख अपराध श्रेणियों हत्या और उत्पाद अधिनियम से संबंधित मामलों में भी कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया।

इसके तहत 1 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2026 तक इन अपराधों में आरोप-पत्रित रामगढ़ जिले के निवासी अपराधियों का सत्यापन कर उनका डिजिटल प्रोफाइल तैयार किया जाएगा और पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त पहले से निर्धारित नौ अपराध श्रेणियों में सत्यापन से बचे अपराधियों का सत्यापन पूरा करने तथा जिन अपराधियों का सत्यापन पहले हो चुका है, उनका दोबारा सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है।

रामगढ़ पुलिस की इस पहल का उद्देश्य अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखना, विभिन्न थाना क्षेत्रों के बीच सूचनाओं का बेहतर समन्वय स्थापित करना और तकनीक के माध्यम से अपराध नियंत्रण एवं अनुसंधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।