धनतेरस व दीपावली पर फुटपाथी दुकानों को लेकर सुभाष चौक में हंगामा, पूर्व विधायक शंकर चौधरी उतरे समर्थन में ; एसडीओ से हुई तीखी बहस 

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रामगढ़ कैंट, झारखंड : दीपावली और धनतेरस के अवसर पर रामगढ़ के सुभाष चौक एवं आसपास के इलाकों में फुटपाथ पर दुकान लगाने को लेकर गुरुवार, 5 नवंबर को दिनभर गहमागहमी बनी रही। छावनी परिषद की ओर से फुटपाथ पर दुकान लगाने पर रोक लगाने के आदेश के बाद छोटे दुकानदारों में नाराजगी देखी गई। दुकानदारों के समर्थन में पूर्व विधायक शंकर चौधरी भी सड़क पर उतर आए। इस दौरान प्रशासन, छावनी परिषद के कर्मियों और पूर्व विधायक के बीच तीखी बहस हुई। वहीं, दुकानदारों ने छावनी परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

दरअसल, सुभाष चौक और आसपास के क्षेत्रों में कई दशकों से धनतेरस और दीपावली के मौके पर फुटपाथी दुकानदार अस्थायी दुकानें लगाते आ रहे हैं। इन दुकानों में मिट्टी के दीये, पूजा सामग्री, लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं और सजावट के सामान बेचे जाते हैं। इससे छोटे दुकानदारों को त्योहार के दौरान रोजगार का अवसर मिलता है।

हालांकि, इस बार छावनी परिषद ने सुभाष चौक और आसपास के फुटपाथों पर दुकान लगाने पर रोक लगा दी है। परिषद की ओर से दुकानदारों को पटाखे एवं अन्य संबंधित सामग्री की बिक्री के लिए फुटबॉल मैदान में तथा मूर्तियों और पूजा सामग्री की दुकानों के लिए सुभाष चौक के समीप मंदिर परिसर एवं उसके बाहर निर्धारित स्थान उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। इसके लिए निर्धारित शुल्क लेने की भी व्यवस्था की गई थी।

दूसरी ओर, दुकानदारों का कहना था कि वे कई दशकों से इसी स्थान पर दुकान लगाते आ रहे हैं। ऐसे में त्योहार के ठीक पहले उन्हें पारंपरिक जगह से हटाना उचित नहीं है। उनका कहना था कि तीन-चार दिनों के त्योहार के दौरान दुकान लगाने से किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए और उन्हें पहले की तरह ही अपनी दुकानों को लगाने की अनुमति मिलनी चाहिए।

दुकानदारों के समर्थन में उतरे पूर्व विधायक

गुरुवार को इस मुद्दे पर दुकानदारों के समर्थन में पूर्व विधायक शंकर चौधरी भी सुभाष चौक पहुंचे। उन्होंने दुकानदारों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि केवल तीन दिनों के लिए दुकानें लगने से कोई बहुत बड़ी समस्या खड़ी नहीं होने वाली है। गरीब और छोटे दुकानदारों को उनकी पुरानी जगह पर ही दुकान लगाने की अनुमति दी जानी चाहिए।

एसडीओ और पूर्व विधायक के बीच हुई तीखी बहस

दोपहर करीब ढाई बजे रामगढ़ के अनुमंडल पदाधिकारी सुभाष चौक के समीप पहुंचे। उन्होंने दुकानदारों को छावनी परिषद द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही दुकान लगाने का निर्देश दिया। इसी बात को लेकर एसडीओ, छावनी परिषद के कर्मियों और पूर्व विधायक शंकर चौधरी के बीच गर्मागर्म बहस शुरू हो गई।

इस दौरान वहां मौजूद फुटपाथी दुकानदारों ने भी विरोध जताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। छावनी परिषद के खिलाफ जमकर नारे लगाए गए। पूर्व विधायक शंकर चौधरी भी दुकानदारों के साथ नारेबाजी करते नजर आए। इससे कुछ देर तक सुभाष चौक और आसपास का इलाका काफी गहमागहमी वाला बना रहा।

गुरुद्वारा रोड की ओर बढ़ा छावनी परिषद का दल

बहस और नारेबाजी के बीच छावनी परिषद का दल गुरुद्वारा रोड की ओर आगे बढ़ गया। उसके पीछे बड़ी संख्या में दुकानदार और स्थानीय लोग नारेबाजी करते हुए चलने लगे। हालांकि, दल के आगे निकल जाने के बाद लोगों ने नारेबाजी बंद कर दी और धीरे-धीरे वापस लौट गए।

इस पूरे घटनाक्रम के बावजूद गुरुवार को फुटपाथी दुकानदारों की दुकानें उन्हीं स्थानों पर लगी रहीं, जहां दुकानदारों ने पहले से दुकानें लगाई थीं। फिलहाल धनतेरस और दीपावली के मद्देनजर फुटपाथी दुकानों को लेकर छावनी परिषद और दुकानदारों के बीच बना विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि प्रशासन और छावनी परिषद इस मामले में आगे क्या निर्णय लेते हैं।