नमामि गंगे परियोजना के तहत आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम, जल की बर्बादी रोकने और वर्षा जल संचयन का दिया संदेश
रामगढ़ कैंट, झारखंड : नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत जल संरक्षण दिवस के अवसर पर मंगलवार को रामगढ़ जिले के लगभग 50 विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में 5,000 से अधिक विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर जल संरक्षण का संकल्प लिया।
इस दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने जल संरक्षण की शपथ लेते हुए जल के महत्व, पर्यावरण संतुलन और भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने दैनिक जीवन में पानी की उपयोगिता और इसके विवेकपूर्ण इस्तेमाल की आवश्यकता पर अपने विचार भी रखे।
जागरूकता अभियान के तहत विद्यार्थियों को पानी की बर्बादी रोकने, जरूरत के अनुसार ही जल का उपयोग करने और इस्तेमाल के बाद नल बंद रखने के प्रति जागरूक किया गया। इसके साथ ही वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा तालाबों एवं अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण की जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों को अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में जल संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करना तथा इस संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना रहा।