उरीमारी में पुलिस मुठभेड़, अंशु दुबे के पैर में लगी गोली; हथियार बरामद, दीपावली पर बड़ी वारदात की थी तैयारी

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उरीमारी (हज़ारीबाग), झारखंड  : उरीमारी क्षेत्र में लगातार गोलीबारी और आपराधिक धमकियों के मामलों की जांच कर रही पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हथियार बरामदगी के लिए ले जाए गए गिरफ्तार संदिग्ध अंशु दुबे (22 वर्ष) के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो गई। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके बाएं पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस सुरक्षा के बीच सदर अस्पताल हजारीबाग भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, अंशु दुबे को 5 नवंबर को गढ़वा थाना से पूछताछ के लिए उरीमारी ओपी लाया गया था। पूछताछ में उसने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए हथियार और धमकी भरा पर्चा करमाटिलहा जंगल में एक पत्थर के नीचे छिपाने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस टीम उसे लेकर बरामदगी के लिए जंगल पहुंची।

पुलिस का दावा है कि जंगल में हथियार की तलाश के दौरान अंशु दुबे ने अचानक पुलिसकर्मियों को धक्का देकर छिपाकर रखे हथियार से फायरिंग शुरू कर दी। स्थिति को देखते हुए थाना प्रभारी रथू उरांव ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जो अंशु के बाएं पैर में लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे काबू में लेकर मौके से एक पिस्टल, 7.62 एमएम के दो जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया।

न्यू बिरसा परियोजना में गोलीबारी से जुड़ा मामला

मामले की पृष्ठभूमि में 26 अक्टूबर को न्यू बिरसा सैनिक आउटसोर्सिंग कंपनी के कैंप में हुई गोलीबारी की घटना है। इस वारदात में एक सुरक्षा गार्ड को पांच गोलियां लगी थीं। घटनास्थल से मिले पर्चे में झामुमो नेता सोनाराम मांझी और संजय करमाली को जान से मारने की धमकी दी गई थी।

इसके पांच दिन बाद रांची के कांके स्थित प्रेम नगर में संजय करमाली के आवास पर भी गोलीबारी की घटना हुई थी। पुलिस इन दोनों घटनाओं को राहुल दुबे गिरोह से जोड़कर जांच कर रही है।

दीपावली पर उरीमारी में भी हमले की थी योजना

थाना प्रभारी रथू उरांव के अनुसार, पूछताछ में अंशु दुबे ने न्यू बिरसा परियोजना के कैंप में हुई गोलीबारी में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह की ओर से दीपावली के दौरान उरीमारी क्षेत्र में एक और आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई गई थी।

लगातार हो रही गोलीबारी और धमकी की घटनाओं को देखते हुए हजारीबाग पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर छापेमारी अभियान शुरू किया था। पुलिस के अनुसार, अंशु दुबे ने पूछताछ के दौरान अपने अन्य सहयोगियों के बारे में भी जानकारी दी है। जांच में गिरोह के नेटवर्क का जेल से संचालन किए जाने की आशंका भी सामने आई है।

इस कार्रवाई में उरीमारी थाना प्रभारी रथू उरांव, गिद्दी थाना प्रभारी इकबाल हुसैन, इंस्पेक्टर शाहिद समेत पुलिस बल के जवान शामिल थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।