व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ने की जताई आशंका, शुल्क-मुक्त व्यवस्था बनाए रखने की मांग
रामगढ़ कैंट, झारखण्ड : रामगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने डिजिटल भुगतान के प्रमुख माध्यम यूपीआई (UPI) लेन-देन पर शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव का विरोध किया है। चैंबर ने इसे व्यापारियों, छोटे व्यवसायियों और आम उपभोक्ताओं के हितों से जुड़ा विषय बताते हुए सरकार से प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
चैंबर अध्यक्ष मंजीत साहनी ने कहा कि यूपीआई ने देश में डिजिटल भुगतान को सरल, तेज और व्यापक बनाया है। छोटे दुकानदारों, खुदरा व्यापारियों, फुटकर व्यवसायियों और आम ग्राहकों के लिए यूपीआई भुगतान दैनिक कारोबार का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। ऐसे में लेन-देन पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
छोटे व्यापारियों के हित में शुल्क-मुक्त यूपीआई की मांग
चैंबर के मानद सचिव मनोज चतुर्वेदी (मानु) ने कहा कि सरकार के डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के प्रयासों से देश में नकदीरहित एवं पारदर्शी लेन-देन को मजबूती मिली है। ऐसे समय में यूपीआई लेन-देन पर शुल्क लगाने से छोटे और मध्यम व्यापारियों की कारोबार लागत बढ़ने की आशंका है।
उन्होंने सरकार एवं संबंधित संस्थाओं से आग्रह किया कि छोटे और मध्यम व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए यूपीआई लेन-देन को शुल्क-मुक्त रखा जाए।
व्यापारिक संगठनों से व्यापक विचार-विमर्श की मांग
रामगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने कहा कि डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसी व्यवस्था आवश्यक है, जिसमें व्यापारी और ग्राहक बिना अतिरिक्त आर्थिक भार के यूपीआई का उपयोग कर सकें।
चैंबर ने सरकार से इस विषय पर व्यापारिक संगठनों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करने की मांग की। संगठन ने कहा कि व्यापार जगत डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और यूपीआई जैसी सुविधाजनक भुगतान प्रणाली को आम जनता एवं व्यापारियों के लिए सुलभ बनाए रखना आवश्यक है।