कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पंडाल में भीषण भगदड़, 18 लोगों की मौत, 45 से अधिक घायल

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कोलकाता :  पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भीषण भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 18 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 45 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों में 3 पुरुष, 13 महिलाएं और 2 बच्चे शामिल बताए गए हैं। हालांकि, कोलकाता मेडिकल कॉलेज के सूत्रों ने मृतकों की संख्या 20 होने का दावा किया है। अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों की संख्या को लेकर अंतर सामने आया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शाम करीब 7:40 बजे बारिश शुरू होने के बाद पंडाल में भीड़ का दबाव अचानक बढ़ गया। बारिश से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग पंडाल के अंदर जमा हो गए थे। इसी दौरान प्रवेश द्वार के पास धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते भगदड़ मच गई। हादसे में कई लोग भीड़ के नीचे दब गए। घायलों को स्थानीय लोगों और राहतकर्मियों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।

भीड़ के दबाव से बिगड़े हालात

चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति के संस्थापक प्रीतम सरकार के अनुसार, पंडाल में एक बार में सीमित संख्या में लोगों को प्रवेश देने की व्यवस्था की गई थी। लेकिन बारिश शुरू होने के बाद अचानक भीड़ बढ़ गई। भीड़ के दबाव के कारण पंडाल का एक हिस्सा गिर गया, जिसके बाद अफरा-तफरी फैल गई।

कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने प्रवेश और निकास के रास्तों पर भ्रम की स्थिति बनने तथा भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। बताया जा रहा है कि पंडाल में प्रवेश के बाद श्रद्धालुओं को गोलाकार, ऊंचे गलियारे से गुजरना पड़ता था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इसी हिस्से में भीड़ का दबाव बढ़ने से हादसा हुआ। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा

हादसे के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी कोलकाता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे और अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। उन्होंने घायलों के इलाज तथा प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के अनुसार, घटना के सिलसिले में पूजा समिति के पदाधिकारियों, निजी सुरक्षाकर्मियों और ड्यूटी पर तैनात लोगों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया है।

हादसे के बाद पंडाल की बिजली बंद कर दी गई और श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर कोलकाता के कुछ अन्य दुर्गा पूजा पंडालों में भी दर्शन अस्थायी रूप से बंद किए जाने की खबर है। पूजा पंडाल के महासचिव जयंत बनर्जी के इस्तीफे की भी जानकारी सामने आई है।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया दुख

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हादसे में लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। लेकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस घटना दुख जताते हुये संवेदना प्रकट की है।

प्रधानमंत्री की ओर से घोषित सहायता के तहत मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी घटना पर दुख जताया और घायलों से मिलने के लिए अपने निर्धारित कार्यक्रम स्थगित करने की बात कही।

91 साल पुरानी दुर्गा पूजा, विशेष थीम बना थी आकर्षण

चोरबागान का दुर्गा पूजा पंडाल इस वर्ष अपनी 91वीं वर्षगांठ के कारण भी चर्चा में था। महात्मा गांधी रोड के पास स्थित इस पंडाल को विशेष थीम पर तैयार किया गया था। पंडाल की सजावट और 360 डिग्री की बनावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र थी। कलाकार सुशांत शिबानी पॉल ने इसकी थीम तैयार की थी।

जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन के लिए पहुंचे थे, वहीं अचानक हुई इस त्रासदी ने उत्सव के माहौल को मातम में बदल दिया। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में शोक और अस्पतालों में अफरा-तफरी का माहौल रहा।

हेल्पलाइन: पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रभावित लोगों की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 18003455678 जारी किया है।