उरीमारी (हजारीबाग), झारखंड : झारखंड के हजारीबाग जिले के उरीमारी में गुरुवार सुबह एक पुलिस जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान निरंजन महतो के रूप में हुई है। वह झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के हजारीबाग जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया की सुरक्षा में तैनात थे। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
यह घटना बड़कागांव थाना क्षेत्र के उरीमारी स्थित संजीव बेदिया के आवास पर सुबह लगभग 10 बजे हुई। मिली जानकारी के मुताबिक, गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग घटनास्थल पर पहुंचे। वहां निरंजन महतो जमीन पर गिरे मिले। बताया जा रहा है कि अस्पताल पहुंचाने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस, जुटाए जा रहे साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही उरीमारी ओपी की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस घटनास्थल की जांच करने के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि गोली किन परिस्थितियों में चली। घटना के समय आवास पर मौजूद लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
जांच में हथियार की पहचान और उसके इस्तेमाल से जुड़ी परिस्थितियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस इस संभावना की भी पड़ताल कर रही है कि गोली दुर्घटनावश चली या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। हालांकि, अब तक घटना की वजह को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटना की सूचना मिलने पर हजारीबाग के डीआइजी व एसपी तथा बड़कागांव के डीएसपी घटना स्थल पर पहुंच कर जानकारी ली है।
पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होंगे कई पहलू
निरंजन महतो की मौत के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल भेजा गया है । पुलिस को उम्मीद है कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, पूछताछ और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की कड़ियां स्पष्ट हो सकेंगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि जवान ने आत्महत्या की है।
फिलहाल जवान की मौत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही गोली चलने की वास्तविक परिस्थितियों का पता चल पाएगा।