बाजार समिति के किराये में 40 प्रतिशत वृद्धि का रामगढ़ चैंबर ने किया विरोध

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₹5 से बढ़ाकर ₹7 प्रति वर्गफीट किराया करने का निर्णय छोटे और मध्यम व्यवसायियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ : मंजीत साहनी 

रामगढ़  कैंट, झारखंड :  झारखंड सरकार द्वारा राज्य की विभिन्न बाजार समितियों में दुकानों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का किराया ₹5 प्रति वर्गफीट से बढ़ाकर ₹7 प्रति वर्गफीट किए जाने के निर्णय का रामगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने विरोध किया है। चैंबर ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए राज्य सरकार से किराया वृद्धि वापस लेने की मांग की है।

चैंबर के अध्यक्ष श्री मंजीत सहानी ने कहा कि वर्तमान समय में व्यापारी वर्ग पहले से ही महंगाई, बढ़ती व्यावसायिक लागत, विभिन्न करों और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसी स्थिति में बाजार समिति के किराये में सीधे 40 प्रतिशत की वृद्धि करना छोटे एवं मध्यम व्यवसायियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसा है।

उन्होंने कहा कि बाजार समितियों में कारोबार करने वाले अधिकांश व्यापारी सीमित पूंजी और संसाधनों के सहारे अपना व्यवसाय संचालित करते हैं। ऐसे में किराये में अप्रत्याशित वृद्धि उनके व्यापारिक हितों को प्रभावित करेगी। राज्य सरकार को व्यापारियों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और बेहतर व्यापारिक वातावरण तैयार करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।

चैंबर के मानद सचिव श्री मनोज चतुर्वेदी (मानु) ने झारखंड सरकार के कृषि मंत्री से आग्रह किया कि बाजार समिति के किराये को ₹5 से बढ़ाकर ₹7 प्रति वर्गफीट करने के निर्णय को तत्काल वापस लिया जाए और पूर्व निर्धारित ₹5 प्रति वर्गफीट की दर को यथावत रखा जाए।

उन्होंने यह भी मांग की कि भविष्य में किराये में किसी भी प्रकार की वृद्धि करने से पहले व्यापारी संगठनों एवं संबंधित हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया जाए।

रामगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार एवं कृषि विभाग व्यापारी हितों को प्राथमिकता देते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार करेंगे और किराया वृद्धि वापस लेकर व्यवसायियों को राहत प्रदान करेंगे।