पलामू में करम डाली विसर्जन के दौरान छह की मौत, कोयल और जिंजोई नदी में हुए हादसे

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नदी से शवों को निकालते लोग

पलामू, झारखंड  :  करम पर्व के दौरान पलामू जिले में बुधवार की सुबह दो अलग-अलग नदी हादसों ने खुशियों को मातम में बदल दिया। करम डाली और झुर विसर्जन के दौरान पानी में डूबने से छह लोगों की मौत हो गई। चैनपुर थाना क्षेत्र में कोयल नदी में पांच लोग हादसे का शिकार हुए, जबकि पाटन थाना क्षेत्र में जिंजोई नदी में डूबने से 17 वर्षीय किशोरी की जान चली गई।

कोयल नदी में पांच की मौत

पहली घटना चैनपुर थाना क्षेत्र के पतरिया खुर्द गांव से सटे बोकया गांव के समीप कोयल नदी में बुधवार सुबह करीब छह बजे हुई। पतरिया खुर्द गांव के लोग करम डाली विसर्जन के लिए नदी पहुंचे थे। इसी दौरान एक युवक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने की कोशिश में अन्य लोग भी नदी में उतर गए। तेज बहाव के कारण स्थिति बिगड़ गई और एक के बाद एक लोग पानी में डूब गए।

हादसे में नीरज कुमार सिंह (16), विशाल कुमार पासवान (15), अभिषेक कुमार ठाकुर (20), राजा सिंह (10) और रंजन सिंह (10) के नाम सामने आए हैं।

घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाकर ग्रामीणों को जानकारी दी। बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों के प्रयास से कई शव बरामद किए गए, जबकि एक व्यक्ति की तलाश भी की गई।

घटना की सूचना मिलने पर चैनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस की मौजूदगी में शवों को बाहर निकालने तथा घटना से संबंधित प्रक्रिया पूरी की गई।

विधायक ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात

हादसे की सूचना मिलने पर डालटनगंज विधायक आलोक कुमार चौरसिया भी घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। विधायक ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की।

पाटन में 17 वर्षीय किशोरी की मौत

दूसरी घटना पाटन थाना क्षेत्र के हिसरा बरवाडीह इलाके में हुई। यहां नानी झरिया निवासी दिलीप पासवान की 17 वर्षीय बेटी सिंपी कुमारी की जिंजोई नदी में डूबने से मौत हो गई।

बताया गया कि सिंपी बुधवार सुबह अपनी सहेलियों के साथ करमा पर्व के बाद झुर विसर्जन के लिए गांव के समीप स्थित जिंजोई नदी गई थी। विसर्जन के दौरान वह गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी।

ग्रामीणों ने उसे नदी से बाहर निकाला और आनन-फानन में इलाज के लिए मेदिनीनगर स्थित एमएमसीएच पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

पर्व की खुशियां बदलीं मातम में

सिंपी की मौत की खबर मिलते ही परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। करमा पर्व की खुशियां देखते ही देखते मातम में बदल गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

घटना की सूचना के बाद पाटन थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी। एमएमसीएच स्थित पुलिस चौकी की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दोनों घटनाओं के बाद संबंधित क्षेत्रों में शोक का माहौल है।