हाईकोर्ट के निर्देशानुसार सड़क निर्माण कराने का अनुरोध, बसंत हेतमसरिया ने उठाए सवाल

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पटेल चौक से नया मोड़ तक सड़क निर्माण में पुरानी परत पर नई परत डालने पर जताई चिंता

रामगढ़ कैंट, झारखंड :  रामगढ़ के पटेल चौक से नया मोड़ (पुराना एनएच-33) तक जर्जर सड़क का निर्माण कार्य शुरू होने का स्वागत करते हुए समाजसेवी बसंत हेतमसरिया ने निर्माण प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पटना हाईकोर्ट के संबंधित आदेश का हवाला देते हुए जिला प्रशासन और सड़क निर्माण में लगे ठेकेदार से न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सड़क निर्माण कराने का आग्रह किया है।

बसंत हेतमसरिया ने कहा कि वर्तमान में सड़क की पुरानी परत पर ही नई परत डाली जा रही है। इससे सड़क का स्तर ऊंचा हो जाएगा और सड़क के किनारे के फ्लैंक तथा आसपास बने मकान सड़क की तुलना में नीचे हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में इससे जलभराव समेत कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

उन्होंने बताया कि पटना हाईकोर्ट ने सड़क निर्माण एवं मरम्मत के दौरान पुरानी सड़क की परत को खुरचकर यानी मिलिंग करने के बाद नई परत डालने और सड़क की ऊंचाई मनमाने तरीके से नहीं बढ़ाने का निर्देश दिया है। अदालत ने सड़क निर्माण विभाग के निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कड़ाई से पालन करने पर भी जोर दिया है।

हेतमसरिया के अनुसार, बिना पुरानी परत हटाए सड़क की ऊंचाई बढ़ने से बारिश के दौरान पानी की निकासी प्रभावित होती है और आसपास के घरों एवं दुकानों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने कहा कि एक बार सड़क ऊंची हो जाने के बाद सड़क से नीचे हो चुके मकानों और दुकानों को उसी अनुपात में ऊंचा करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि जिस तरीके से वर्तमान में सड़क का निर्माण किया जा रहा है, उससे सड़क देखने में भले ही बेहतर हो जाए, लेकिन इससे आम नागरिकों की परेशानी कम होने के बजाय बढ़ सकती है। उन्होंने शहर के सौंदर्यीकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि सड़क और आसपास के मकानों के स्तर में अंतर बढ़ने से शहर का स्वरूप भी प्रभावित होगा।

बसंत हेतमसरिया ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि सड़क निर्माण की प्रक्रिया की जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण कार्य संबंधित न्यायालयीय निर्देशों एवं निर्धारित एसओपी के अनुरूप ही हो।

उन्होंने बताया कि पटना हाईकोर्ट ने मई 2026 में भी सड़क निर्माण में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उनके अनुसार, न्यायालय ने एसओपी का उल्लंघन कर बिना पुरानी परत हटाए सड़क की ऊंचाई बढ़ाने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

हेतमसरिया ने कहा कि इसी तरह सड़क की पुरानी परत हटाए बिना दोबारा निर्माण को लेकर मद्रास हाईकोर्ट और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट भी चिंता जता चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि सड़क निर्माण में दीर्घकालिक नागरिक सुविधा और जल निकासी को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।