रामगढ़ कैंट, झारखंड :श्री कृष्ण विद्या मंदिर के सभागार में 24 एवं 25 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से आयोजित दो दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। माध्यमिक स्तर पर क्षमता आधारित मूल्यांकन विषय पर आयोजित इस प्रशिक्षण में विभिन्न विद्यालयों के कुल 60 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अग्रसेन डीएवी स्कूल, भरेचनगर के शिक्षक शाहिद अहमद तथा राधा कृष्ण इंटरनेशनल स्कूल, मारंगमरचा के प्राचार्य सच्चिदानंद पाण्डेय ने प्रशिक्षक के रूप में शिक्षकों को क्षमता आधारित मूल्यांकन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
प्रशिक्षकों ने बताया कि क्षमता आधारित मूल्यांकन ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें विद्यार्थियों की केवल रटने की क्षमता या परीक्षा में प्राप्त अंकों के बजाय उनके ज्ञान और कौशल के व्यावहारिक प्रयोग का आकलन किया जाता है। इसके माध्यम से यह समझने का प्रयास किया जाता है कि विद्यार्थी पढ़ाई के दौरान अर्जित ज्ञान का वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में किस प्रकार उपयोग कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि यह मूल्यांकन केवल वर्ष के अंत में होने वाली परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि एक सतत प्रक्रिया है। इसमें विद्यार्थियों की सीखने की गति, समझ और व्यक्तिगत क्षमताओं को ध्यान में रखा जाता है। विभिन्न योग्यताओं के आकलन के लिए स्पष्ट मानदंडों का उपयोग किया जाता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी इस प्रकार के मूल्यांकन को प्रोत्साहित किया गया है, ताकि विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तार्किक चिंतन और समस्या समाधान की क्षमता विकसित हो सके।
कार्यक्रम की आयोजन निदेशक एवं विद्यालय की प्राचार्या गुरप्रीत कौर ने सभी अतिथियों और प्रशिक्षकों का स्वागत किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की एसटीएनसी रंजू सिंह, उपप्राचार्य विजय तिवारी सहित विद्यालय के अन्य कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।
विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता आनंद अग्रवाल ने शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन के लिए सीबीएसई, संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों तथा सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
अपने संदेश में आनंद अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में ऐसे विषयों पर शिक्षकों को प्रशिक्षित करना अत्यंत प्रासंगिक है। किशोरावस्था में बच्चों की सोच, भावनाओं और सामाजिक जीवन में बड़े बदलाव आते हैं तथा वे धीरे-धीरे स्वतंत्र निर्णय लेना सीखते हैं। ऐसे समय में उन्हें सही दिशा और उचित मार्गदर्शन देना शिक्षक-शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण दायित्व है।
उन्होंने कहा कि सीबीएसई की ओर से क्षमता आधारित मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण विषय पर शिक्षकों को प्रशिक्षित करना सराहनीय पहल है। इससे शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायता मिलेगी।