चार्ज पदाधिकारियों और सहायक चार्ज पदाधिकारियों का प्रशिक्षण जारी, 28 और 29 अक्टूबर को तकनीकी सहायकों को दी जाएगी जानकारी
रामगढ़, झारखंड :भारत की जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के सफल और सुचारू संचालन को लेकर रामगढ़ समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन विभिन्न तकनीकी, प्रक्रियात्मक और प्रबंधन संबंधी विषयों पर जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जनगणना कार्य में शामिल पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों, मोबाइल एप के उपयोग तथा आंकड़ों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया से अवगत कराना था।
जिला स्तर पर आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 26 एवं 27 अक्टूबर 2026 को सभी चार्ज पदाधिकारियों और सहायक चार्ज पदाधिकारियों के लिए निर्धारित है। वहीं, 28 एवं 29 अक्टूबर को रामगढ़ जिले के सभी तकनीकी सहायकों (जनगणना) को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मोबाइल एप और जनगणना की प्रक्रियाओं की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दूसरे दिन जनगणना कार्य निदेशालय, झारखंड के उपनिदेशक केश्या नायक ने पहले दिन पढ़ाए गए विषयों की पुनरावृत्ति कराई और प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया। इसके बाद पीई मोबाइल एप की कार्यप्रणाली, सेटअप और विभिन्न सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रतिभागियों को बताया गया कि जनगणना से संबंधित कार्यों के निष्पादन में मोबाइल एप का प्रभावी उपयोग किस प्रकार किया जाना है। इसके साथ ही जनगणना की अवधारणाओं एवं परिभाषाओं, जनगणना में शामिल किए जाने वाले व्यक्तियों और प्रश्न संख्या 1 से 40 तक से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए डेटा गुणवत्ता संकेतकों (Data Quality Markers) के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। इसके माध्यम से संकलित आंकड़ों की निगरानी और उनकी गुणवत्ता का आकलन करने की प्रक्रिया समझाई गई।
व्यावहारिक अभ्यास के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियों पर चर्चा
प्रशिक्षण के दौरान पीई मोबाइल एप का प्रदर्शन किया गया और प्रतिभागियों को इसके संचालन का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। साथ ही एसई पोर्टल की कार्यप्रणाली तथा प्रशासनिक पदाधिकारियों की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।
जनगणना के द्वितीय चरण के प्रभावी संचालन के लिए मीडिया एवं प्रचार-प्रसार गतिविधियों, मुद्रण कार्यों के प्रबंधन, आवश्यक सामग्री की आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। प्रतिभागियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप इन गतिविधियों का प्रबंधन करने की प्रक्रिया समझाई गई।
इसके अतिरिक्त, जनगणना के द्वितीय चरण के लिए निर्धारित प्रशिक्षण ढांचे और दिशा-निर्देशों पर विस्तार से चर्चा की गई, ताकि संबंधित पदाधिकारी और कर्मी अपनी जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से समझते हुए कार्यों का व्यवस्थित ढंग से निष्पादन कर सकें।
फीडबैक के साथ संपन्न हुआ प्रशिक्षण सत्र
कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी और अनुभवों पर विचार-विमर्श के बाद समापन सत्र आयोजित किया गया।
इस प्रशिक्षण के माध्यम से जनगणना 2027 के द्वितीय चरण की प्रक्रियाओं, तकनीकी संसाधनों के उपयोग, आंकड़ों की गुणवत्ता और प्रशासनिक दायित्वों के प्रभावी निर्वहन से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में जिला सांख्यिकी पदाधिकारी शंकर सिंह, सांख्यिकी अन्वेषक सह जिला समन्वयक शिवालिका सुंदरम सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।