राज्यपाल के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने आरएन रवि को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपने का निर्णय लिया है।
ममता बनर्जी ने जताई हैरानी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पूरे घटनाक्रम पर आश्चर्य व्यक्त किया है। उन्होंने सामाजिक माध्यम ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्यपाल के अचानक इस्तीफे की खबर से वह स्तब्ध हैं और उन्हें इसके पीछे की वजह की जानकारी नहीं है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें आशंका है कि विधानसभा चुनाव से पहले इस फैसले के पीछे किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव हो सकता है।
ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने परंपरागत प्रक्रिया का पालन किए बिना राज्यपाल की नियुक्ति से जुड़ा फैसला लिया। उनका कहना है कि ऐसे कदम संविधान की भावना और संघीय ढांचे के सिद्धांतों के विरुद्ध हैं। उन्होंने केंद्र से सहकारी संघवाद की परंपरा का सम्मान करने की अपील की।
2022 में संभाला था पद
सी.वी. आनंद बोस को 17 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उनसे पहले ला. गणेसन पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। बोस की नियुक्ति उस समय हुई थी जब तत्कालीन राज्यपाल जगदीप धनखड़ भारत के उपराष्ट्रपति चुने गए थे।
प्रशासनिक सेवा और लेखन में भी पहचान
सी.वी. आनंद बोस 1977 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी रहे हैं। वे केरल के कोट्टायम जिले के निवासी हैं और प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ लेखन के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं। अंग्रेजी, मलयालम और हिंदी भाषाओं में उनकी लगभग 40 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
उन्हें प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा वे उस कार्यकारी समूह के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के लिए विकास से जुड़ा एजेंडा तैयार किया था।