विश्व पर्यावरण दिवस पर दामोदर नदी घाट में वृहद पौधारोपण, नुक्कड़ नाटक से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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संबोधित करते उपायुक्त

रामगढ़ कैंट, झारखंड :   विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को नमामि गंगे योजना के तहत थाना चौक स्थित दामोदर नदी घाट में वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि तथा दामोदर नदी तट के सौंदर्यीकरण के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में जिले के वरीय अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

पौधारोपण करते उपायुक्त

कार्यक्रम में उपायुक्त ऋतुराज, पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत, वन प्रमंडल पदाधिकारी नीतीश कुमार, छावनी परिषद के सीईओ विवेक सिंह, सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार सहित कई जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

पौधा लगाते एसपी

इस अवसर पर उपायुक्त ऋतुराज ने जिलेवासियों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों के वृक्ष बनने तक उनकी सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी भी सभी को उठानी होगी। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाना आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन का सबसे बड़ा उपहार है।

वन प्रमंडल पदाधिकारी ने बढ़ते तापमान और असंतुलित मौसम चक्र पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं, छावनी परिषद के सीईओ विवेक सिंह ने पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल सुनिश्चित करने की बात कही तथा लोगों से इस हरित अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण जागरूकता के लिए विशेष नुक्कड़ नाटक का मंचन  किया गया। कलाकारों ने पेड़ों के महत्व, जल संरक्षण और प्लास्टिक उन्मूलन का प्रभावी संदेश दिया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा।

वृक्षारोपण अभियान के तहत वन प्रमंडल रामगढ़ द्वारा उपलब्ध कराए गए 50 पौधे लगाए गए। पौधों की सुरक्षा के लिए सीसीएल रजरप्पा क्षेत्र की ओर से 50 मजबूत गेबियन (ट्री-गार्ड) लगाए गए। वहीं, वृक्षारोपण स्थल पर साफ-सफाई, गड्ढों की खुदाई और अन्य व्यवस्थाएं छावनी परिषद एवं नगर परिषद रामगढ़ द्वारा सुनिश्चित की गईं।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपायुक्त के निर्देशानुसार रामगढ़ जिला अंतर्गत विभिन्न सरकारी कार्यालयों में भी पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपने-अपने क्षेत्र में पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।