कुजू (रामगढ़), झारखंड : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अग्रगति इंडिया द्वारा पुंडी पंचायत के भुताही गांव में पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों, बच्चों, महिलाओं तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत भुताही आंगनबाड़ी केंद्र से भुताही प्राथमिक विद्यालय तक निकाली गई पर्यावरण जागरूकता रैली से हुई। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण से जुड़े संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।
इसके बाद बच्चों के लिए पर्यावरण विषयक चित्रांकन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 52 बच्चों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने प्रकृति संरक्षण, स्वच्छ पर्यावरण और सतत विकास जैसे विषयों पर अपनी रचनात्मक अभिव्यक्तियां प्रस्तुत कीं।
उद्घाटन सत्र में अग्रगति इंडिया के जिला समन्वयक मोहम्मद बेलाल अंसारी ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि पुंडी पंचायत की मुखिया रूपन देवी ने पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन, स्वच्छता और वृक्षारोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “एक वृक्ष सौ पुत्रों के समान होता है”, क्योंकि यह मानव जीवन को अनेक प्रकार से लाभ पहुंचाता है।
तकनीकी सत्र में करण कौशल ने जलवायु परिवर्तन, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन, बढ़ते वैश्विक तापमान, वायु प्रदूषण, पेरिस समझौता तथा यूएनएफसीसीसी की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। दीपांकर राय ने वनों के पारिस्थितिक एवं आर्थिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान किया।
मोहम्मद कासिफ इकबाल ने सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी-6: स्वच्छ जल एवं स्वच्छता) और पर्यावरण संरक्षण के बीच संबंधों को समझाया। वहीं बृजमोहन कुमार महतो ने वनाग्नि के कारणों एवं प्रभावों पर चर्चा करते हुए वनों की महत्ता को रेखांकित किया। समापन सत्र में मोहम्मद बेलाल अंसारी ने जैव विविधता संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, वर्षा की अनिश्चितता तथा रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग के दुष्प्रभावों पर जानकारी दी।
चित्रांकन प्रतियोगिता में नवीन हांसदा ने प्रथम, ईशिका कुमारी ने द्वितीय तथा विक्की सोरेन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को सम्मानित कर पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम के तहत वनीकरण एवं पारिस्थितिक पुनर्स्थापन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चिरौंजी, साल, करंज, इमली, कुसुम, महुआ और केंद प्रजातियों के कुल 150 सीड बॉल का वितरण एवं प्रसारण किया गया।
कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद बेलाल अंसारी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग का संकल्प लिया। आयोजन को स्थानीय स्तर पर पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया।