रामगढ़, झारखंड: रामगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने झारखंड सरकार के वित्त एवं वाणिज्य कर मंत्री राधा कृष्ण किशोर से झारखंड पेशा कर (प्रोफेशनल टैक्स) के वर्ष 2010-11 के चतुर्थ तिमाही से 2025-26 तक के बकाया मामलों में लगाए गए ब्याज पर विशेष छूट अथवा माफी देने की मांग की है।
चैम्बर द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि राज्य के अनेक व्यवसायी, व्यापारी, लघु एवं मध्यम उद्यमी तथा विभिन्न संस्थान पुराने पेशा कर की मूल देयता का भुगतान करने के इच्छुक हैं, लेकिन वर्षों से संचित ब्याज की भारी राशि उनके लिए आर्थिक बोझ बन गई है। वर्तमान व्यापारिक परिस्थितियों में इतनी बड़ी ब्याज देनदारी का भुगतान करना अधिकांश करदाताओं के लिए कठिन हो रहा है।
चैम्बर ने सुझाव दिया है कि यदि राज्य सरकार एक विशेष राहत योजना लागू कर वर्ष 2010-11 के चतुर्थ तिमाही से 2025-26 तक की कर देयता पर लगाए गए ब्याज को पूर्ण अथवा आंशिक रूप से माफ करने का निर्णय लेती है, तो बड़ी संख्या में करदाता स्वेच्छा से अपनी मूल कर राशि जमा कर सकेंगे।
पत्र में यह भी कहा गया है कि ऐसी योजना लागू होने से राज्य सरकार के राजस्व संग्रह में वृद्धि होगी तथा लंबे समय से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी। इससे व्यापार एवं उद्योग जगत को भी राहत मिलेगी और कर अनुपालन को बढ़ावा मिलेगा।
रामगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने मंत्री से व्यापार एवं उद्योग जगत के हित में इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उक्त जानकारी मानद सचिव रामगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज रामगढ़, झारखंड ने दी है ।