पतरातू सुपर थर्मल परियोजना की दूसरी यूनिट 25 जून से शुरू करेगी व्यावसायिक बिजली उत्पादन

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पतरातू (रामगढ़), झारखंड : राज्य के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) ने पतरातू सुपर थर्मल पावर परियोजना (पीएसटीपीपी) फेज-1 की दूसरी 800 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट को 25 जून 2026 से वाणिज्यिक रूप से संचालित करने की घोषणा की है।

कंपनी की ओर से जारी सूचना के अनुसार, यूनिट-2 का कमर्शियल ऑपरेशन डेट (COD) 25 जून 2026 की मध्यरात्रि 12 बजे से प्रभावी होगा। इसके बाद यह यूनिट नियमित रूप से बिजली उत्पादन कर राष्ट्रीय ग्रिड को आपूर्ति करेगी।

उल्लेखनीय है कि पीएसटीपीपी फेज-1 के अंतर्गत कुल तीन इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें प्रत्येक की क्षमता 800 मेगावाट है। दूसरी यूनिट के संचालन में आने से परियोजना की कुल उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी और झारखंड सहित पूर्वी भारत के कई राज्यों को अधिक स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

कंपनी ने इस संबंध में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA), केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) तथा अन्य संबंधित संस्थाओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा दी है। अधिकारियों का मानना है कि नई यूनिट के चालू होने से क्षेत्र की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।

गौरतलब है कि पतरातू सुपर थर्मल पावर परियोजना झारखंड की प्रमुख ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल है। आधुनिक तकनीक पर आधारित इस परियोजना से राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता मजबूत होने के साथ-साथ औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

जानकारी के अनुसार, परियोजना की पहली 800 मेगावाट यूनिट का वाणिज्यिक संचालन वर्ष 2025 के दौरान शुरू किया गया था। अब दूसरी यूनिट के जुड़ने से परियोजना की कुल चालू क्षमता 1600 मेगावाट हो जाएगी।