रामगढ़ में सरयू राय ने की योजनाओं की समीक्षा, अधिकार आधारित कानूनों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर दिया जोर

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रामगढ़, झारखंड : झारखंड विधानसभा की प्रत्यायुक्त समिति के सभापति सरयू राय ने बुधवार को रामगढ़ परिसदन में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान सरयू राय ने सूचना का अधिकार, सेवा का अधिकार, शिक्षा का अधिकार और रोजगार से संबंधित कानूनों के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इन कानूनों का उद्देश्य आम लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और सरकारी सेवाओं तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करना है। इसके लिए व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।

बैठक में नई शिक्षा नीति के तहत जिले में संचालित कार्यक्रमों और गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। सभापति ने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने तथा नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया।

नगर परिषद रामगढ़ के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्वच्छता, पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया।

सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान सरयू राय ने परियोजना को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर जोर दिया। इसके साथ ही मेडिकल वेस्ट प्रबंधन की व्यवस्था की जानकारी लेते हुए उन्होंने तय मानकों के अनुरूप इसके संग्रहण और निस्तारण को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रदूषण नियंत्रण के मुद्दे पर उन्होंने झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अधिकारियों को औद्योगिक इकाइयों, खदानों और अन्य प्रतिष्ठानों में पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की नियमित निगरानी करने को कहा। उन्होंने नियमों के उल्लंघन पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

बैठक में कल्याण विभाग, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, पेंशन योजनाएं, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, स्वास्थ्य सेवाएं तथा विद्युत विभाग से संबंधित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। सभापति ने लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने, लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने और विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में उप विकास आयुक्त, वन प्रमंडल पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, कार्यपालक अभियंता तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।