बारलौंग सड़क हादसे के बाद जिला प्रशासन सख्त, डीसी-एसपी ने एनएचएआई टीम के साथ किया निरीक्षण

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बारलौंग सड़क हादसे के बाद जिला प्रशासन सख्त, डीसी-एसपी ने एनएचएआई टीम के साथ किया निरीक्षण

रामगढ़, झारखंड : बारलौंग क्षेत्र में गुरुवार को हुए भीषण सड़क हादसे में 8 लोगों की मौत के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को उपायुक्त ऋतुराज और पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने एनएचएआई (NH-23 रामगढ़-बोकारो) की तकनीकी टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया और सड़क सुरक्षा को लेकर कई अहम निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान हादसे के कारणों का बारीकी से आकलन किया गया तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और दुर्घटना संभावित स्थलों पर तत्काल सुधारात्मक कार्य किए जाएं।

24 घंटे में शॉर्ट टर्म मेजर्स पूरे करने का निर्देश

उपायुक्त ने एनएचएआई को निर्देश दिया कि शॉर्ट टर्म मेजर्स के तहत सभी जरूरी कार्य 24 घंटे के भीतर हर हाल में पूरे किए जाएं। इसके अंतर्गत दुर्घटना संभावित स्थल पर रम्बल स्ट्रिप का निर्माण, चेतावनी एवं दिशा सूचक साइन बोर्ड (साइनेज) की स्थापना और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि इन व्यवस्थाओं से वाहन चालकों को समय रहते सड़क की स्थिति की जानकारी मिलेगी और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी।

दो सप्ताह में लॉन्ग टर्म मेजर्स लागू करने का आदेश

उपायुक्त ने एनएचएआई को दो सप्ताह के भीतर लॉन्ग टर्म मेजर्स के सभी कार्य पूरे करने का निर्देश दिया। इनमें सड़क का आवश्यकतानुसार चौड़ीकरण, रिफ्लेक्टर की स्थापना, रोड गार्ड (क्रैश बैरियर) की ऊंचाई बढ़ाना तथा अन्य स्थायी सुरक्षा उपाय शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों से कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से काम पूरा कराने को कहा।

ब्लैक स्पॉट्स की पहचान के लिए बनेगी समिति

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी पदाधिकारियों और पुलिस विभाग को दुर्घटना संभावित स्थलों पर नियमित गश्ती और यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही आम लोगों को भी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों के प्रति जागरूक करने को कहा गया। जिला प्रशासन ने एक जिला स्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है, जो जिले के विभिन्न सड़कों पर मौजूद ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर एक सप्ताह के भीतर सुधारात्मक उपायों की रिपोर्ट सौंपेगी।

इन अधिकारियों की रही मौजूदगी

निरीक्षण के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, अंचल अधिकारी चितरपुर समेत कई प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करेंगे।