बारलौंग सड़क हादसे के बाद 8 घंटे जाम रहा एनएच-23, प्रशासन-ग्रामीणों के बीच समझौता, मृतकों के आश्रितों को सहायता

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चितरपुर (रामगढ़), झारखंड: रामगढ़-बोकारो मार्ग (एनएच-23) पर बारलौंग गांव के समीप 25 जून की देर रात हुए भीषण सड़क हादसे के बाद शुक्रवार को मारंगमरचा गांव में मातम पसरा रहा। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही आठों मृतकों के शव गांव पहुंचे, परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने मुआवजे एवं अन्य मांगों को लेकर सभी शवों को एनएच-23 स्थित मारंगमरचा के समीप रखकर सड़क जाम कर दिया। करीब आठ घंटे तक चले जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ कई दौर की वार्ता के बाद शाम करीब 6:30 बजे समझौता हुआ, जिसके बाद जाम समाप्त कराया गया।

हादसे में आठ लोगों की हुई थी मौत

दुर्घटना में रजरप्पा थाना क्षेत्र के मारंगमरचा गांव के छह लोगों सहित कुल आठ लोगों की मौत हुई। मृतकों में अशोक डोम (43), शक्ति राम (35), पप्पू करमाली (18), डेविड करमाली (28), पवन कुमार करमाली (27), अनोद कुमार (31), बलसगरा-कथेरवा निवासी पिकअप चालक हेमंत कुमार महतो (28) तथा मनीष कुमार (22) शामिल हैं।

जनप्रतिनिधि भी पहुंचे, मुआवजे की उठाई मांग

ग्रामीणों के समर्थन में रामगढ़ विधायक ममता देवी, कांग्रेस नेता शहजादा अनवर, भाजपा के जिला सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल, आजसू जिलाध्यक्ष दिलीप दांगी, पीयूष चौधरी, जेएलकेएम नेता पनेश्वर महतो, संतोष महतो सहित कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।

डीसी-एसपी ने किया निरीक्षण

घटना की सूचना पर उपायुक्त ऋतुराज, पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लूणायत, एसडीओ कृष्ण मुरारी तिर्की, एसडीपीओ आलोक रंजन, एसडीपीओ (मुख्यालय) रवींद्र गुप्ता, अंचल अधिकारी दीपक मिंज, जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश एक्का सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने एनएचएआई की तकनीकी टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर सड़क की तकनीकी खामियों का जायजा लिया और सुरक्षा उपायों को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।

समझौते में इन मांगों पर बनी सहमति

प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच हुए लिखित समझौते के अनुसार निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति बनी—

  • मृतक के प्रत्येक परिवार से एक सदस्य को वाहय श्रेात से नियमानुसार रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

  • मृतकों के बच्चों को विभागीय नियमानुसार कक्षा 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

  • मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) के तहत मिलने वाला मुआवजा शीघ्र दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

  • मृतकों के परिवारों को विभागीय प्रावधानों के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।

  • बारलौंग दुर्घटना स्थल पर तत्काल हाईमास्ट लाइट, रंबल स्ट्रिप, साइनेज सहित अन्य सुरक्षा कार्य 24 घंटे के भीतर शुरू किए जाएंगे।

  • दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए विशेष समिति गठित की गई है, जो 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देगी।

  • मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना के तहत मृतकों के बच्चों को लाभ दिलाया जाएगा।

  • मृतकों के परिवारों को पारिवारिक पेंशन का लाभ उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।

  • ग्रामीणों की सुविधा के लिए स्थायी बस स्टॉप उपलब्ध कराने हेतु जिला प्रशासन अपने स्तर से आवश्यक पहल करेगा।

  • प्रत्येक मृतक परिवार को एक-एक क्विंटल चावल तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा।

इनकी मौजूदगी में हुआ समझौता

समझौता वार्ता में जिला प्रशासन की ओर से अनुमंडल पदाधिकारी कृष्ण मुरारी तिर्की, एसडीपीओ आलोक रंजन, गोपनीय प्रभारी रवींद्र गुप्ता एवं अंचल अधिकारी दीपक मिंज मौजूद थे।

ग्रामीणों की ओर से रामगढ़ विधायक ममता देवी, कांग्रेस नेता शहजादा अनवर, राजीव जायसवाल, संतोष महतो, पीयूष चौधरी, स्वर्ण जीवी, मित्र कुमार, पनेश्वर महतो, शिवानी कुमारी, रूपी महतो, देवेंद्र महतो सहित अन्य प्रतिनिधियों ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए।

सड़क पर एंबुलेश में मौजूद शव