रामगढ़, झारखंड : रामगढ़ के लारी क्षेत्र में 25 जून को हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मिलने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की टीम उनके घर पहुंची। यह दौरा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रामगढ़ मो. तौफीकुल हसन के निर्देश पर किया गया।
दौरे के दौरान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती उर्मिला कोरी ने शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता एवं अन्य कानूनी सेवाओं की जानकारी दी।
टीम ने परिजनों को बताया कि वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से सड़क दुर्घटना से संबंधित क्षतिपूर्ति (मुआवजा) के लिए सक्षम न्यायालय एवं मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) में दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में प्राधिकरण की ओर से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
एलएडीसी (LADC) असिस्टेंट श्री मोहन महतो ने परिजनों को मुआवजा दावा दायर करने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों तथा निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने संबंधी जानकारी दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पीड़ित परिवारों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें समयबद्ध न्याय दिलाने के लिए हरसंभव कानूनी सहयोग प्रदान करेगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रामगढ़ ने कहा कि समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों को प्रभावी विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने तथा दुर्घटना पीड़ितों और उनके आश्रितों को न्याय दिलाने के लिए प्राधिकरण लगातार कार्य कर रहा है।