
रांची, झारखण्ड : झारखंड सरकार के वित्त, योजना एवं विकास तथा वाणिज्य-कर एवं संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अपनी सुरक्षा में तैनात पुलिस जवानों और सरकारी वाहनों को वापस लौटाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में उन्होंने 29 जून 2026 को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है। पत्र सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
पत्र में मंत्री ने उल्लेख किया है कि 21 अप्रैल 2026 को उन्होंने डीजीपी को पत्र लिखकर बताया था कि उनकी सुरक्षा के लिए 16 पुलिस जवान उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि उनके लिए केवल तीन सरकारी वाहन उपलब्ध हैं। ऐसी स्थिति में जवानों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में कठिनाई होती है और सुरक्षा संबंधी दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं हो पाता।
उन्होंने आगे लिखा कि आवश्यकता के अनुसार कुल चार वाहनों की मांग करते हुए भी उन्होंने पत्र भेजा था, लेकिन अब तक इस पर कोई जवाब नहीं मिला।
मंत्री ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि इस बीच वित्त विभाग के संयुक्त सचिव ने उनके आप्त सचिव को नोटिस जारी करते हुए पुलिस मुख्यालय को एक सरकारी वाहन वापस उपलब्ध कराने की बात कही है। उन्होंने इसे अपने लिए “Embarrassing” बताते हुए लिखा कि ऐसी स्थिति में वे वाहन सहित अपनी सुरक्षा में तैनात पुलिस जवानों को वापस कर रहे हैं।
इस घटनाक्रम के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। हालांकि पुलिस मुख्यालय की ओर से सुरक्षाकर्मियों को फिलहाल मंत्री के आवास पर ही तैनात रहने का निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है।