चुट्टूपालू घाटी में सड़क हादसों पर रोक के लिए प्रशासन सख्त, उपायुक्त ने दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

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एनएचएआई, पुलिस और परिवहन विभाग के साथ समीक्षा बैठक; स्पीड कैमरे, हेल्पलाइन, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और 24×7 रेस्क्यू व्हीकल की होगी व्यवस्था

रामगढ़ (झारखंड) : चुट्टूपालू घाटी में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), जिला परिवहन विभाग, सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने पूर्व में दिए गए निर्देशों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ त्वरित एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि चुट्टूपालू घाटी में सड़क दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए।

उपायुक्त ने एनएचएआई को टोल प्लाजा से घाटी की ओर लगभग 100 मीटर तक मल्टीपल पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम स्थापित कर उसका ट्रायल करने के निर्देश दिए। साथ ही घाटी में सभी स्ट्रीट लाइटों को पूरी तरह कार्यशील बनाने, प्रत्येक 200 मीटर पर डेंजर जोन संबंधी साइन बोर्ड लगाने, ड्रंक एंड ड्राइव से संबंधित चेतावनी बोर्ड स्थापित करने, एस्केप लेन को स्पष्ट संकेतकों के साथ विकसित करने तथा हेल्पलाइन सिस्टम शुरू करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में घाटी क्षेत्र की दृश्यता बढ़ाने के लिए झाड़ियों की नियमित साफ-सफाई कराने, एस्केप रैंप के अंतिम छोर पर सोलर हाई मास्ट लाइट लगाने तथा ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण के लिए स्पीड कैमरे और डिजिटल स्पीड डिस्प्ले स्क्रीन स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया, जिससे वाहन चालकों को उनकी वास्तविक गति की जानकारी मिल सके।

अनुमंडल पदाधिकारी को घाटी क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक स्थानों पर मोबाइल टावर स्थापित कराने हेतु संबंधित सेवा प्रदाताओं के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया।

सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस एवं परिवहन विभाग को घाटी में अलग-अलग समय पर सघन वाहन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान सीट बेल्ट, हेलमेट, ओवरस्पीडिंग तथा ब्रेथ एनालाइजर के माध्यम से शराब पीकर वाहन चलाने वालों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाएगी।

एनएचएआई एवं जिला परिवहन पदाधिकारी को दुर्घटना की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए 24 घंटे रेस्क्यू व्हीकल की उपलब्धता का आकलन कर आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया।

इसके अलावा सड़क निर्माण विभाग एवं अनुमंडल पदाधिकारी को राष्ट्रीय राजमार्ग-33 एवं राष्ट्रीय राजमार्ग-23 के सभी ब्लैक स्पॉट की इसी माह पहचान कर सुधारात्मक कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।

बैठक के समापन पर उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि चुट्टूपालू घाटी में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण कर अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।