रामगढ़ (झारखंड) : जिले में संभावित प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को लेकर उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत की उपस्थिति में समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित विभागों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए समन्वय के साथ समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने अग्निशमन विभाग को जिले के सभी फायर वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर उन्हें आवश्यकता के अनुसार रणनीतिक स्थानों पर तैनात करने का निर्देश दिया। साथ ही सरकारी एवं निजी भवनों, होटल, अस्पताल, कारखानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी मानकों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा बिना फायर एनओसी वाले संस्थानों को शीघ्र एनओसी प्राप्त कराने की कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने सभी थानों में आगजनी एवं अन्य आपदाओं से निपटने के लिए आवश्यक उपकरणों की सूची उपलब्ध कराने तथा फैक्ट्री निरीक्षक को सभी लाइसेंसधारी उद्योगों में औद्योगिक सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
बैठक में सभी अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को जिले के संवेदनशील नदी, तालाब, जलाशय एवं अन्य जल स्रोतों का संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से पतरातू क्षेत्र में संचालित बोटिंग गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर संचालकों के साथ बैठक आयोजित करने और जल स्रोतों के आसपास व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने सभी थाना प्रभारियों को आपदा के समय उपयोगी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आवश्यक संसाधनों का पूर्व प्रबंधन करने के निर्देश दिए। उन्होंने सरकारी एवं निजी संस्थानों में तड़ित चालक (लाइटनिंग अरेस्टर) लगाने पर भी विशेष बल दिया।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आपदा प्रबंधन से जुड़ी सुविधाओं को सुदृढ़ रखने तथा पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं शिक्षा विभाग को सभी विद्यालयों में लाइटनिंग अरेस्टर लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
जनसंपर्क विभाग को आपदा से बचाव और आपदा के दौरान अपनाए जाने वाले उपायों से संबंधित जागरूकता सामग्री का नियमित प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अंचल अधिकारियों को आपदा राहत राशि का समय पर भुगतान, फसल एवं मकान क्षति का शीघ्र आकलन तथा बिना सुरक्षा दीवार वाले खुले कुओं की पहचान कर सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल राहत एवं बचाव तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्व तैयारी, विभागीय समन्वय, जनजागरूकता और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सकता है। उन्होंने सभी विभागों को सौंपे गए दायित्वों का गंभीरता और प्राथमिकता के आधार पर अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।