राजा राम मोहन राय से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेजों की तलाश में जिला प्रशासन, नागरिकों से सहयोग की अपील

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रामगढ़ (झारखंड) :  जिला प्रशासन, रामगढ़ ने महान समाज सुधारक एवं भारतीय पुनर्जागरण के अग्रदूत राजा राम मोहन राय से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण के लिए आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि वर्ष 1805–1806 के दौरान राजा राम मोहन राय ने रामगढ़ में दीवान/सरिस्तेदार के रूप में कार्य किया था। उनके हस्ताक्षरयुक्त दस्तावेज एवं उस अवधि से संबंधित अभिलेख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शोध की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

प्रशासन के अनुसार, झारखंड उच्च न्यायालय अपने संग्रहालय (म्यूजियम) में शिक्षा, शोध और विरासत संरक्षण के उद्देश्य से राजा राम मोहन राय से जुड़े इन बहुमूल्य ऐतिहासिक अभिलेखों को संरक्षित एवं प्रदर्शित करना चाहता है।

नागरिकों से सहयोग की अपील

जिला प्रशासन ने जिले के नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि उनके पास राजा राम मोहन राय के हस्ताक्षर वाले दस्तावेज, उनके दीवान कार्यकाल से संबंधित रिकॉर्ड अथवा किसी भी प्रकार के ऐतिहासिक महत्व के अभिलेख उपलब्ध हों या उनके संबंध में कोई जानकारी हो, तो वे इसकी सूचना शीघ्र जिला खेल कार्यालय, समाहरणालय भवन (ए-ब्लॉक, द्वितीय तल, कक्ष संख्या-303), छत्तरमाण्डू, रामगढ़ में उपलब्ध कराएं।

दस्तावेज उपलब्ध कराने वालों को किया जाएगा सम्मानित

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐतिहासिक महत्व के दस्तावेज अथवा उनसे संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। इसका उद्देश्य जिले की ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण में जनसहभागिता को बढ़ावा देना है।

संपर्क

अधिक जानकारी के लिए इच्छुक नागरिक जिला खेल कार्यालय, रामगढ़ के मोबाइल नंबर 8709816456 पर संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से इस ऐतिहासिक पहल में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है, ताकि रामगढ़ के गौरवशाली इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों को संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाया जा सके।