रामगढ़ (झारखंड) : महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत सोमवार को सदर अस्पताल, रामगढ़ में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा एवं रामगढ़ के उपायुक्त ऋतुराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान अस्पताल में जन्मी नवजात बच्चियों की माताओं को सम्मानित करते हुए अभियान से संबंधित विशेष किट प्रदान की गई तथा बेटियों के जन्म पर परिवारों को शुभकामनाएं दी गईं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि बेटियों के जन्म का सम्मान, उनके बेहतर स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने अभिभावकों से बेटियों को समान अवसर देकर आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का आह्वान किया।
उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति महिलाओं और बेटियों के सशक्तिकरण पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल लिंगानुपात में सुधार करना नहीं, बल्कि बेटियों को जीवन के हर क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराना भी है। जिला प्रशासन शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बेटियों के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने अभिभावकों से बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने और उनके सपनों को साकार करने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की।
इस अवसर पर नवजात बच्चियों की माताओं को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान से संबंधित किट वितरित की गई। साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, स्तनपान, संतुलित आहार, नियमित टीकाकरण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच के महत्व की जानकारी भी दी गई। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने माताओं को नवजात शिशुओं की उचित देखभाल और पोषण संबंधी आवश्यक सुझाव दिए।
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती इंदु प्रभा खलको, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. स्वराज, अस्पताल प्रबंधक श्रीमती अंतरा झा सहित जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के पदाधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, लाभार्थी और उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन बेटियों के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक करने तथा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।