पीवीयूएनएल परियोजना में हाइड्रा मशीन हादसा, मजदूर की मौत के बाद मुआवजा व नौकरी की मांग; आंदोलन की चेतावनी

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पतरातू (रामगढ़), झारखंड : पतरातू स्थित पीवीयूएनएल (PVUNL) के निर्माणाधीन पावर प्लांट में सोमवार को हुए एक दर्दनाक हादसे में हाइड्रा मशीन पलटने से एक मजदूर की मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और विस्थापित प्रभावितों में भारी आक्रोश देखा गया। उन्होंने मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा, स्थायी नौकरी और अन्य सुविधाएं देने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर मंगलवार को प्लांट के मुख्य द्वार पर चक्का जाम किया जाएगा।

मृतक की पहचान मुकेश प्रसाद (46 वर्ष), पिता स्व. नागेश्वर साहू, निवासी बलकुदरा महादर टोला के रूप में हुई है। वह निर्माण कार्य में लगी एसके सामंता कंपनी में कार्यरत थे। जानकारी के अनुसार, प्लांट से ऐश डैम तक बनाए जा रहे कन्वेयर बेल्ट परियोजना में कार्य के दौरान अचानक हाइड्रा मशीन असंतुलित होकर पलट गई, जिसकी चपेट में आने से मुकेश प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल रांची के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतक के परिजन कंपनी के कार्यस्थल पर पहुंच गए। आरोप है कि हादसे की जानकारी मिलने के बाद संबंधित कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी मौके से चले गए, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।

ग्रामीणों ने रखीं कई प्रमुख मांगें

ग्रामीणों ने मृतक के परिवार के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजा, पत्नी को स्थायी नौकरी, बच्चों की स्नातक तक की शिक्षा का पूरा खर्च तथा अंतिम संस्कार एवं श्राद्ध कर्म के लिए दो लाख रुपये तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

बैठक में विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष आदित्य नारायण साहू, मुखिया विजय मुंडा, राजाराम प्रसाद, राजाराम प्रजापति, उदय अग्रवाल, जोगिंदर यादव, देवानंद प्रसाद साहू, सूरज सोनी, कृष्णा सोनी, संजय प्रसाद साहू, ब्रजकिशोर प्रसाद साहू, दीपक साहू, विनय कुमार, संतोष, लक्ष्मी साहू, शंकर साहू, मैनेजर साहू, रोहित साहू, सरस्वती देवी, खुशबू देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

मजदूर यूनियन ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

एनटीपीसी मजदूर यूनियन (एटक) के शाखा सचिव मनोज कुमार महतो ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान हुई इस दुर्घटना ने परियोजना में श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने पीवीयूएनएल प्रबंधन से मृतक के आश्रित को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी तथा ईएसआईसी, पीएफ, वर्कमैन मुआवजा (WC) और बीमा योजना के तहत मिलने वाली सभी वैधानिक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की।

उन्होंने आरोप लगाया कि यूनियन लगातार श्रमिकों की सुरक्षा, सेफ्टी उपकरणों और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को लेकर प्रबंधन को पत्र लिखती रही है, लेकिन पर्याप्त सुधार नहीं किए जाने के कारण दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं। यदि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो यूनियन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

निष्पक्ष जांच की मांग

विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष आदित्य नारायण साहू ने कहा कि परियोजना में कार्यरत मजदूरों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि हादसे की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही उन्होंने मृतक परिवार के पुनर्वास और बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी कंपनी द्वारा उठाने की मांग भी दोहराई।