रामगढ़ कैंट, झारखंड : झारखंड प्रदेश वैश्य मोर्चा के बैनर तले रविवार को रामगढ़ स्थित महात्मा गांधी सभागार (रोटरी क्लब) में वैश्य क्रांति सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में समाज के अधिकार, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी को लेकर वक्ताओं ने संगठनात्मक एकजुटता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में रामगढ़ के पूर्व विधायक शंकर चौधरी बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। मांडू प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष संजय प्रसाद को सम्मानित अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता वैश्य मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष महेश्वर साहु ने की। मंच संचालन प्रधान महासचिव बीरेन्द्र कुमार और हजारीबाग जिलाध्यक्ष महेंद्र प्रसाद साहु ने संयुक्त रूप से किया।
गांधी समाधि पर पुष्पांजलि के बाद निकला जुलूस
सम्मेलन से पहले वैश्य मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता रोटरी क्लब से जुलूस की शक्ल में दामोदर नदी घाट पहुंचे। वहां महात्मा गांधी के समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद जुलूस थाना चौक पहुंचा, जहां राष्ट्रपिता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद सभी वापस सम्मेलन स्थल पहुंचे।
कार्यक्रम का उद्घाटन शंकर चौधरी, महेश्वर साहु और कार्यकारी अध्यक्ष रेखा मंडल सहित अन्य पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। रामगढ़ जिलाध्यक्ष राजकुमार केशरी ने स्वागत संबोधन दिया, जबकि उप प्रधान महासचिव अशोक गुप्ता ने सम्मेलन की प्रस्तावना रखी।
इस दौरान शंकर चौधरी और संजय प्रसाद को शॉल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
‘समाज को प्राथमिकता दें, राजनीतिक दल बाद में’
सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने कहा कि अधिकार हासिल करने के लिए समाज को संगठित होकर अपनी आवाज मजबूती से उठानी होगी। उन्होंने महात्मा गांधी के स्वतंत्रता आंदोलन का उदाहरण देते हुए संघर्ष और दृढ़ता को परिवर्तन का आधार बताया।
उन्होंने कहा कि समाज को राजनीतिक दल से ऊपर प्राथमिकता मिलनी चाहिए। जो व्यक्ति या नेता समाज से खुद को बड़ा समझने लगता है, उसके राजनीतिक पतन की शुरुआत वहीं से हो जाती है। चौधरी ने वैश्य मोर्चा के सामाजिक अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के हित में जब भी संघर्ष की जरूरत होगी, वे संगठन के साथ खड़े रहने को तैयार हैं।
‘मांगों के लिए आखिरी दम तक संघर्ष’
केंद्रीय अध्यक्ष महेश्वर साहु ने कहा कि महात्मा गांधी वैश्य मोर्चा के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि रामगढ़ की धरती से जिस तरह कभी अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष की आवाज उठी थी, उसी तरह वैश्य समाज के सम्मान, अधिकार और हक के लिए संगठन ने भी संघर्ष का संकल्प लिया है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि वैश्य समाज की मांगों को लेकर संगठन पीछे हटने वाला नहीं है और जरूरत पड़ी तो अंतिम सांस तक संघर्ष जारी रहेगा।
मुखिया संघ के अध्यक्ष संजय प्रसाद ने वैश्य मोर्चा के सामाजिक कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज के लिए संगठन की सक्रियता सराहनीय है। सम्मान के लिए आभार जताते हुए उन्होंने समाज के हित में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
कई पदाधिकारियों ने रखे विचार
सम्मेलन में कार्यकारी अध्यक्ष रेखा मंडल, जिला परिषद सदस्य देवन्ती देवी, वरीय उपाध्यक्ष ढ़लन साव, केंद्रीय उपाध्यक्ष दिनेश्वर साहु व दिनेश्वर मंडल, लखन अग्रवाल, लक्ष्मण साहु, केंद्रीय महासचिव आदित्य नारायण प्रसाद, चतुर साहु, संगठन महासचिव कृष्णा साहु, केंद्रीय प्रवक्ता रोहित कुमार साहु, केंद्रीय सचिव राजेंद्र साहु, केंद्रीय सदस्य डॉ. अरविंद कुमार, विश्वामित्र गुप्ता, जेपी अग्रवाल, हरिदास साव सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
इसके अलावा रांची जिलाध्यक्ष कृष्णदेव साहु, महिला मोर्चा की सचिव प्रीति साहा और युवा मोर्चा अध्यक्ष हलधर साहु समेत अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में रामगढ़ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित कि या। सम्मेलन को सफल बनाने में राहुल कुमार साहु, मुकेशलाल सिंदूरिया, भुनेश्वर साव, नंदकिशोर साहु, बद्री प्रसाद साहु, उपेंद्र शर्मा, रंजीत प्रसाद, संगीता रानी, बिंदु देवी, गीता देवी, सीता देवी, शंकर प्रसाद, आदित्य पोद्दार सहित अनेक कार्यकर्ताओं की भूमिका रही।