पुराने रसूख वाले अधिकारी की रामगढ़ में फिर वापसी, सक्रियता का इंतजार; प्रशासनिक हलकों से कारोबारियों तक चर्चाओं का बाजार गर्म

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नीरज अमिताभ 

रामगढ़ कैंट, झारखंड : रामगढ़ जिले में पूर्व में पदस्थापित रहे एक चर्चित अधिकारी की कुछ सप्ताह पूर्व दोबारा जिले में पदस्थापना इन दिनों प्रशासनिक, राजनीतिक और कारोबारी हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि इस बार उन्हें पिछली पदस्थापना की तुलना में अपेक्षाकृत कम महत्व और कम आय वाला विभाग मिला है, लेकिन जिले में यह चर्चा तेजी से चल रही है कि आने वाले दिनों में वे प्रभार के माध्यम से किसी महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी तक पहुंच सकते हैं।

पूर्व की पदस्थापना के दौरान उक्त अधिकारी को जिले के प्रभावशाली अधिकारियों में गिना जाता था। उस समय जिले में एक महिला जिलाधिकारी के पदस्थापित रहने के दौरान प्रशासनिक हलकों में उनकी भूमिका को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती थीं। ठेका और अन्य प्रशासनिक मामलों में उनकी कथित सक्रियता उस समय चर्चा में रही थी।

स्थानीय हलकों में उस दौर को लेकर यह भी चर्चा रही कि अधिकारी अपने साथ रांची से एक ठेकेदार को लेकर आए थे। चर्चाओं में यह दावा भी किया जाता रहा कि उक्त व्यक्ति मूल रूप से रांची में सैलून का संचालन करता था।

हथियार लाइसेंस को लेकर भी उक्त अधिकारी की भूमिका उस समय चर्चा का विषय बनी थी। खासकर जिले के दो कोयला एवं रैक कारोबारियों सहित कुछ अन्य लोगों को हथियार का लाइसेंस दिए जाने को लेकर प्रशासनिक और कारोबारी गलियारों में चर्चाएं होती रही थीं।

रांची के आसपास ही रही लंबी प्रशासनिक पारी

चर्चित अधिकारी की सेवा अवधि को लेकर भी जिले में चर्चाओं का दौर जारी है। बताया जाता है कि वे लंबे समय तक रांची तथा रांची के आसपास के जिलों में विभिन्न विभागों में पदस्थापित रहे हैं। सरकार किसी भी राजनीतिक दल की रही हो, उनकी पोस्टिंग को लेकर खास बदलाव नहीं दिखा और वे लगातार रांची अथवा आसपास के जिलों में महत्वपूर्ण विभागों में अपनी जगह बनाते रहे।

रांची के मीडिया जगत में भी उनकी अच्छी पकड़ होने की चर्चा रही है। स्थानीय लोगों के बीच यह दावा भी लंबे समय से किया जाता रहा है कि उनके प्रभाव के कारण कुछ मामलों से जुड़े समाचारों को रांची के मीडिया संस्थानों तक पहुंचने से पहले या खबर पहुंचने पर भी रुकवा दिया जाता था  ।

पत्रकारों के परिजनों के ड्राइविंग लाइसेंस की भी चर्चा

प्रशासनिक गलियारों में एक और चर्चा यह रही कि रांची के कई प्रमुख पत्रकारों के परिजनों के ड्राइविंग लाइसेंस रामगढ़ से बनते थे। इसे भी अधिकारी के रांची मीडिया जगत से कथित मजबूत संपर्क से जोड़कर देखा जाता रहा है।

इस बार शांत हैं अधिकारी, कारोबारियों में बढ़ी उत्सुकता

दिलचस्प बात यह है कि कुछ सप्ताह पहले रामगढ़ में दोबारा पदस्थापना के बावजूद उक्त अधिकारी अब तक पूर्व की तरह सक्रिय नजर नहीं आ रहे हैं। उनकी यह अपेक्षाकृत शांत कार्यशैली जिले के प्रशासनिक और कारोबारी हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

खासकर ठेकेदारों और कारोबारियों के बीच इस बात को लेकर उत्सुकता है कि अधिकारी कब अपने पुराने अंदाज में सक्रिय होंगे। सूत्रों के अनुसार, अधिकारी से मुलाकात और चर्चा के लिए कारोबारियों की बैठकें भी शुरू हो गई हैं।

अब सवाल यह है कि क्या रामगढ़ में इस अधिकारी की नई पारी भी पिछली पारी की तरह प्रभावशाली साबित होगी ? क्या उन्हें जल्द ही कोई महत्वपूर्ण अतिरिक्त प्रभार मिलता है ? या फिर इस बार उनकी भूमिका सीमित ही रहेगी ? फिलहाल इन सवालों का जवाब आने वाले दिनों की प्रशासनिक गतिविधियों से ही मिलेगा।