झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति ने रामगढ़ में योजनाओं की समीक्षा की, अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने पर जोर

Spread the love

रामगढ़, झारखंड :  झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति ने बुधवार को रामगढ़ जिले का दौरा कर विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। समिति के दौरे का उद्देश्य योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानने के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना रहा।

परिसदन में हुई विभागवार समीक्षा

रामगढ़ परिसदन में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता समिति की सभापति डॉ. नीरा यादव ने की। समिति के सदस्य सुरेश बैठा और रोशन लाल चौधरी भी बैठक में मौजूद रहे।

जिला प्रशासन की ओर से उप विकास आयुक्त सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों और सामने आ रही चुनौतियों की जानकारी समिति के समक्ष रखी।

पेयजल और स्वच्छता योजनाओं पर विशेष चर्चा

बैठक में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में संचालित पेयजल योजनाओं की स्थिति पर विशेष रूप से चर्चा हुई। समिति ने जलापूर्ति व्यवस्था और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यक्षमता की जानकारी लेते हुए लोगों तक नियमित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया।

समिति ने बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने तथा योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने का निर्देश दिया।

कई विभागों के कार्यों का लिया गया जायजा

समीक्षा के दौरान ग्रामीण विकास, भूमि सुधार, पंचायती राज, डीएमएफटी, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल एवं स्वच्छता, आपूर्ति, परिवहन, खनन, पथ निर्माण, विद्युत, कृषि, भूमि संरक्षण, सहकारिता और लघु सिंचाई विभाग की योजनाओं की जानकारी ली गई।

इसके अलावा भवन प्रमंडल, ग्रामीण कार्य विभाग, विशेष प्रमंडल, समाज कल्याण, कल्याण, उत्पाद, श्रम नियोजन एवं उद्योग विभाग से संबंधित योजनाओं की भी विभागवार समीक्षा की गई।

समिति ने भवन निर्माण निगम और लघु सिंचाई विभाग सहित विभिन्न एजेंसियों द्वारा संचालित विकास कार्यों की भौतिक प्रगति की जानकारी लेते हुए आवश्यक बिंदुओं पर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।

योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार जरूरी

सभापति डॉ. नीरा यादव ने अधिकारियों से कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनकी जानकारी और लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया गया।

उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने की बात कही गई।

समिति की ओर से कहा गया कि विकास योजनाएं आम जनता की सुविधा और जनसेवा के लिए हैं। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि योजनाओं का लाभ लोगों को धरातल पर मिले और उन्हें छोटी-छोटी सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।