रांची / रामगढ़ (झारखण्ड) : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के सभागार में शुक्रवार को आयोजित राजभाषा हिंदी दिवस समारोह में रामगढ़ कैंट की साहित्यकार डॉ. रजनी गुप्ता को हिंदी भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘जयशंकर प्रसाद हिंदी सेवी सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें राज्यभर से चयनित आठ हिंदी सेवियों के साथ प्रदान किया गया।
डीएसपीएमयू के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग एवं जयशंकर प्रसाद विचार मंच के 10वें स्थापना वर्ष (दशाब्दी) के अवसर पर आयोजित समारोह में साहित्य, भाषा और संस्कृति का विशेष संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में झारखंड की तीन प्रतिष्ठित पद्मश्री विभूतियां पद्मश्री बलबीर दत्त, पद्मश्री मुकुंद नायक और पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख एक ही मंच पर मौजूद रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजीव मनोहर ने कहा कि हिंदी केवल राजभाषा और संपर्क भाषा नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक अस्मिता और जीवंत अभिव्यक्ति का माध्यम है। उन्होंने कहा कि हिंदी देश की विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं के साथ सहज तालमेल बनाकर आगे बढ़ती है।
राधाकृष्ण की रचनाओं में समाज का यथार्थ
समारोह के प्रथम सत्र में प्रसिद्ध कथाकार राधाकृष्ण की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। पद्मश्री बलबीर दत्त ने कहा कि राधाकृष्ण की रचनाएं अपने समय और समाज के यथार्थ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती हैं। कथाकार पंकज मित्र ने उनकी कहानियों की समसामयिकता पर प्रकाश डाला।
हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. जिंदर सिंह मुंडा ने हिंदी को देश की जीवंत आत्मा बताया। मंच के महासचिव सुरेश कुमार निराला ने विचार मंच के दस वर्षों के सफर की जानकारी दी। मौके पर कुलसचिव डॉ. धनंजय वासुदेव द्विवेदी, उमेश प्रसाद साह सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
डॉ. शंभू बादल ने सम्मान राशि हिंदी विभाग को समर्पित की
प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. शंभू बादल को 21 हजार रुपये की राशि एवं प्रशस्ति पत्र के साथ ‘डॉ. दिनेश्वर प्रसाद स्मृति सम्मान’ प्रदान किया गया। यह सम्मान स्व. दिनेश्वर प्रसाद के पुत्र अरुण कुमार ने दिया। सम्मान ग्रहण करने के बाद डॉ. शंभू बादल ने पूरी सम्मान राशि डीएसपीएमयू के हिंदी विभाग के विद्यार्थियों के कल्याणार्थ समर्पित कर दी।
कार्यक्रम में डॉ. महतो लक्ष्मी खेमलाल के उपन्यास ‘कबीर एक प्रश्न की तरह’ तथा वासुदेव साहू के काव्य संग्रह पर भी चर्चा हुई।
आठ हिंदी सेवियों को मिला सम्मान
समारोह में शिक्षा, साहित्य, चिकित्सा और पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले आठ लोगों को ‘जयशंकर प्रसाद हिंदी सेवी सम्मान’ से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में डॉ. जिंदर सिंह मुंडा, डॉ. प्रज्ञा गुप्ता, रामगढ़ कैंट की साहित्यकार डॉ. रजनी गुप्ता, डॉ. प्रियंका शर्मा, डॉ. महतो लक्ष्मी खेमलाल, डॉ. अभिषेक अभ्र, संजय मिश्र और कुंदन कुमार चौधरी शामिल रहे।
समारोह में अशोक प्रियदर्शी, डॉ. शकुंतला मिश्र, उमेश नंद शाह तथा राधाकृष्ण के पुत्र सुधीर लाल भी उपस्थित रहे।
काव्य गोष्ठी में साहित्यकारों ने बांधा समां
समारोह के तृतीय सत्र में आयोजित काव्य गोष्ठी में नरेश बंका, प्रज्ञाकांत पाठक, कुमार नंदजी, स्मिता तथा डॉ. रजनी ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक मनीष कुमार मिश्रा एवं डॉ. इंदु बाला ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया।