रामगढ़, झारखंड :खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल रामगढ़ जिला की ओर से गुरुवार को रामगढ़ समाहरणालय के समीप एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के इस संशोधन का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
गौरतलब है कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को संसद के दोनों सदनों ने अगस्त 2026 में पारित किया था। केंद्र सरकार के अनुसार संशोधन का उद्देश्य खनिज क्षेत्र में समान और संतुलित वित्तीय व्यवस्था तथा निवेश के लिए स्थिर वातावरण तैयार करना है।
धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता राजद के रामगढ़ जिलाध्यक्ष मोहम्मद गुलजार ने की, जबकि संचालन युवा राष्ट्रीय जनता दल रामगढ़ के अध्यक्ष सुधीर कुमार गिरी ने किया।
धरना के दौरान राजद नेताओं ने विधेयक की आलोचना करते हुए कहा कि इसके प्रावधानों से झारखंड के हित और राज्य की कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। वक्ताओं ने विशेष रूप से मैया सम्मान योजना, सिदो-कान्हू योजना और अबुआ आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि खनिज संसाधनों से मिलने वाले राजस्व पर इसका असर पड़ने की आशंका है।
धरना समाप्त होने के बाद राजद नेताओं ने रामगढ़ उपायुक्त के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को वापस लेने की मांग की गई।
कार्यक्रम में राजकुमार केसरी, सुनील कुशवाहा, सुषमा देवी, शाहिद सिद्दीकी, गिरधारी गोप, सुनील साहू, जितेंद्र यादव, ललन यादव सहित राजद के अन्य नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।