रामगढ़, झारखंड : समाहरणालय सभागार, रामगढ़ में जिला बाल संरक्षण इकाई, सामाजिक सुरक्षा कोषांग की ओर से मिशन वात्सल्य योजना के तहत सहायता राशि वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रामगढ़ विधायक ममता देवी, मांडू विधायक निर्मल महतो एवं उपायुक्त ऋतुराज उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का आयोजन जरूरतमंद बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण तथा उनके स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा, पोषण और अन्य विकास संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के उद्देश्य से किया गया। इस दौरान जिले के 77 जरूरतमंद, अनाथ एवं देखरेख व संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के बीच प्रतिमाह 4,000 रुपये की दर से आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मंच से बच्चों को स्वीकृति एवं प्रशस्ति पत्र के साथ सांकेतिक चेक भी प्रदान किए गए।
बताया गया कि रामगढ़ जिले में अब तक मिशन वात्सल्य योजना के तहत कुल 754 बच्चों को प्रतिमाह 4,000 रुपये की दर से आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।
इस अवसर पर विधायक ममता देवी ने कहा कि मिशन वात्सल्य योजना राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य बच्चों के पोषण, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता से बच्चों की शिक्षा, पौष्टिक आहार एवं बेहतर जीवन-यापन में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आर्थिक परेशानी के कारण कोई बच्चा शिक्षा या बेहतर पालन-पोषण से वंचित न रहे, इसके लिए ऐसी योजनाएं महत्वपूर्ण हैं।
उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि मिशन वात्सल्य योजना का मुख्य उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे बच्चों को सामाजिक, मानसिक और आर्थिक संबल प्रदान करना है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि जिले के सभी योग्य बच्चों को योजना से जोड़ा जाए। इसके लिए ग्रामीण एवं पंचायत स्तर तक योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है, ताकि पात्र बच्चों तक इसका लाभ पहुंच सके।
कार्यक्रम में बाल संरक्षण पदाधिकारी शांति बागे, विधायक प्रतिनिधि मुकेश यादव, विभिन्न प्रखंडों से आए अभिभावक तथा बाल संरक्षण कार्यालय के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
कौन बच्चे योजना के लिए पात्र हैं
मिशन वात्सल्य योजना के तहत 18 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चे पात्र हैं, जिनके परिवार की वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र में 72 हजार रुपये तथा शहरी क्षेत्र में 96 हजार रुपये या सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक नहीं है।
योजना के तहत अनाथ बच्चों, विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिला के बच्चों, गंभीर अथवा असाध्य बीमारी से पीड़ित माता-पिता के बच्चों तथा ऐसे बच्चों को भी सहायता का प्रावधान है, जो बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, मानव तस्करी, बाल विवाह, हिंसा, उत्पीड़न, आपदा या दुर्घटना से प्रभावित रहे हैं। बेघर, सड़क पर रहने वाले तथा अत्यंत निर्धन और देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे भी पात्र श्रेणी में शामिल हैं।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए अभिभावक एवं बच्चे का आधार कार्ड, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र, बैंक खाते की पासबुक की छायाप्रति, बच्चे की हालिया तस्वीर तथा अध्ययनरत होने का प्रमाण पत्र आवश्यक है। इसके अलावा पात्रता की विशेष श्रेणी के अनुसार मृत्यु प्रमाण पत्र, चिकित्सकीय प्रमाण पत्र या अन्य आवश्यक दस्तावेज भी जमा करने होते हैं।
इच्छुक लाभार्थी निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र, प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय अथवा जिला बाल संरक्षण इकाई, रामगढ़ से आवेदन पत्र प्राप्त कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा कर सकते हैं। आवेदन की जांच एवं स्वीकृति के बाद पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह 4,000 रुपये की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।