रामगढ़, झारखंड : शांतिधारा फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष सुरेश पी. अग्रवाल ने रामगढ़ उपायुक्त को स्पीड पोस्ट के माध्यम से पत्र भेजकर महात्मा गांधी की रामगढ़ से जुड़ी ऐतिहासिक स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए विभिन्न सुझाव दिए हैं।
पत्र में सुरेश पी. अग्रवाल ने उल्लेख किया है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का रामगढ़ के साथ ऐतिहासिक और प्रगाढ़ संबंध रहा है। वर्ष 1940 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 53वें अधिवेशन के दौरान महात्मा गांधी ने रामगढ़ में तीन दिनों तक प्रवास किया था। इसी दौरान रामगढ़ से स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा देने से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाएं हुई थीं।
उन्होंने यह भी कहा कि महात्मा गांधी के अस्थि-कलश का विसर्जन दामोदर नदी स्थित गांधी घाट पर हुआ था। रामगढ़ के लिए यह ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण स्मृति है, जिसे भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना आवश्यक है।
फाउंडेशन की ओर से उपायुक्त के समक्ष तीन प्रमुख सुझाव रखे गए हैं। इनमें कॉलेज मोड़ से रांची रोड रेलवे ओवरब्रिज तक की मुख्य सड़क का नाम “महात्मा गांधी पथ” रखने का सुझाव दिया गया है।
दूसरे सुझाव के तहत गांधी चौक से गांधी घाट तक की सड़क का नाम “शांति पथ” रखने की मांग की गई है। वहीं, तीसरे सुझाव में महात्मा गांधी की स्मृति में रामगढ़ में “गांधी संग्रहालय” स्थापित करने की बात कही गई है।
प्रस्तावित गांधी संग्रहालय में महात्मा गांधी के रामगढ़ प्रवास तथा वर्ष 1940 में आयोजित कांग्रेस अधिवेशन से संबंधित छायाचित्र, ऐतिहासिक दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को संकलित कर प्रदर्शित करने का सुझाव दिया गया है।
सुरेश पी. अग्रवाल ने उपायुक्त से इन सुझावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से रामगढ़ से जुड़ी गांधी जी की ऐतिहासिक स्मृतियों को संरक्षित करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भी स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से परिचित कराया जा सकेगा।