रामगढ़ में भव्य रावण दहन, 100 फीट के रावण के साथ कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले भी जले

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सिद्धू-कान्हू जिला मैदान में उमड़ा जनसैलाब, आतिशबाजी से रोशन हुआ आसमान; सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, सांसद मनीष जायसवाल और विधायक रोशन लाल चौधरी ने किया पुतलों का दहन

रामगढ़ कैंट, (झारखंड) :  विजयदशमी के पावन अवसर पर मंगलवार की शाम रामगढ़ के बाजार टांड़ स्थित सिद्धू-कान्हू जिला मैदान में सार्वजनिक दशहरा एवं सूरज हॉल समिति की ओर से भव्य रावण दहन समारोह का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था, उत्साह और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े इस आयोजन में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। समिति के अनुसार, समारोह में लगभग 50 हजार लोग शामिल हुए। मैदान में 100 फीट ऊंचे रावण, 90 फीट के कुंभकरण और 85 फीट के मेघनाथ के विशाल पुतलों का दहन किया गया। पुतलों के जलते ही पूरा मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा और रंग-बिरंगी आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा।

रावण दहन देखने के लिए रामगढ़ शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। कई परिवार अपने बच्चों के साथ समारोह में शामिल हुए। विशाल पुतलों और आकर्षक आतिशबाजी को देखने के लिए लोगों में खासा उत्साह रहा। पुतलों के दहन के दौरान मैदान में मौजूद लोगों ने जयकारे लगाकर उत्सव की खुशियां साझा कीं। आयोजन की भव्यता और दर्शकों की बड़ी संख्या ने विजयदशमी समारोह को यादगार बना दिया।

सांसदों और विधायक ने किया तीनों पुतलों का दहन

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी और सांसद मनीष जायसवाल शामिल हुए। वहीं, सार्वजनिक दशहरा एवं सूरज हॉल समिति के अध्यक्ष सह विधायक रोशन लाल चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। तीनों अतिथियों ने परंपरा के अनुसार रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया। पुतलों में आग लगते ही मैदान में मौजूद लोगों ने उत्साह के साथ जय श्रीराम के नारे लगाए। इसके बाद हुई आतिशबाजी ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।

इस अवसर पर अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया। सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, सांसद मनीष जायसवाल और विधायक रोशन लाल चौधरी को 51 किलो की विशाल फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया गया। समिति के सदस्यों ने बुके भेंट करने के साथ दुपट्टा और पगड़ी पहनाकर अतिथियों का अभिनंदन किया।

सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने दिया सत्य और धर्म का संदेश

सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने उपस्थित लोगों को विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दशहरा भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। यह त्योहार सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि समाज में आपसी भाईचारा, एकता और सद्भाव बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने तथा सामाजिक समरसता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सांसद मनीष जायसवाल ने दी विजयदशमी की शुभकामनाएं

सांसद मनीष जायसवाल ने विजयदशमी की बधाई देते हुए कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम के आदर्श आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं और हमें अपने जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने कहा कि विजयदशमी केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि अपने विचारों और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लेने का भी दिन है। उन्होंने आयोजन को भव्य रूप देने के लिए समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों और सहयोगियों की सराहना की तथा लोगों से आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव को बनाए रखने की अपील की।

विधायक रोशन लाल चौधरी ने एकता और सद्भाव पर दिया जोर

समिति के अध्यक्ष सह विधायक रोशन लाल चौधरी ने विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमें अहंकार, अन्याय और बुराइयों का त्याग कर सत्य तथा धर्म के मार्ग पर चलने की सीख देता है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाने में ऐसे आयोजनों की अहम भूमिका है।

उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले समिति के सदस्यों, प्रशासन, सहयोगियों और आम नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक भागीदारी से त्योहारों की खुशियां बढ़ती हैं और समाज में एकता की भावना मजबूत होती है।

महावीर अग्रवाल ने अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त करने का किया आह्वान

समारोह में समिति के सचिव महावीर अग्रवाल ने स्वागत भाषण और सचिव प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि विजयदशमी केवल रावण का पुतला जलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सत्य, धर्म और अच्छाई की जीत का संदेश देने वाला पर्व है।

उन्होंने कहा कि हर वर्ष रावण का पुतला जलाया जाता है, लेकिन प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर मौजूद बुराइयों पर भी विचार करना चाहिए। अहंकार, क्रोध, ईर्ष्या और लालच हमारे भीतर के ऐसे दोष हैं, जिन्हें दूर करना जरूरी है। जब तक व्यक्ति इन बुराइयों को अपने जीवन से समाप्त करने का प्रयास नहीं करेगा, तब तक दशहरा मनाने का वास्तविक उद्देश्य अधूरा रहेगा।

महावीर अग्रवाल ने कहा कि समिति का उद्देश्य धार्मिक आयोजन के साथ-साथ समाज में एकता, सद्भाव और सेवा की भावना को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों, सहयोगियों और रामगढ़ की जनता के प्रति आभार जताया।

प्रो संजय सिंह ने किया मंच संचालन

कार्यक्रम का संचालन समिति के मुख्य संरक्षक प्रो. संजय सिंह ने किया। उन्होंने प्रभावशाली अंदाज में समारोह को आगे बढ़ाते हुए विजयदशमी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। उनके संचालन से कार्यक्रम का क्रम बना रहा और समारोह में उत्साह का माहौल कायम रहा।

समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने निभाई अहम भूमिका

भव्य रावण दहन समारोह को सफल बनाने में सार्वजनिक दशहरा एवं सूरज हॉल समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समिति के अध्यक्ष सह विधायक रोशन लाल चौधरी, सचिव महावीर अग्रवाल, कोषाध्यक्ष राजेश गोयंका, मुख्य संरक्षक मनोज महतो, प्रो. संजय सिंह, उपाध्यक्ष गंगा भगत, रविंद्र सिंह बीटी और धर्मेंद्र भोपाली ने आयोजन की जिम्मेदारियां निभाईं।

इसके अलावा सह सचिव दिनेश स्टील, राकेश गुप्ता, दिनेश शर्मा, अनुज मित्तल, अभिमन्यु कुशवाहा, पंकज बरनवाल और कुलदीप वर्मा सहित अन्य सदस्यों ने भी आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।

कार्यकारिणी सदस्यों में नरेश महतो, दीपक साव, संतोष ट्रेडर्स, बीरू सिंह, राजेंद्र महतो, जय प्रकाश मानकी, कैलाश रजक, धीरज साव, पप्पू जसवाल, राजेश महतो, सतीश कुशवाहा, अंकित अग्रवाल, रंजीत कुमार, टिंकू कुशवाहा, नीतिश कुशवाहा, मनोज कुमार महतो, अमित कुमार, इंद्रपाल सिंह सैनी, अजय पांडेय, करमजीत सिंह ‘जग्गी’, अमित कुमार दास, मनीष गोयल, आनंद चौधरी, पप्पू शाह, बबलू कुमार, अणु चंद्रवंशी और विशाल जायसवाल समेत अन्य सदस्यों ने भी अपनी भूमिका निभाई।

हजारों लोगों की भागीदारी से सफल हुआ आयोजन

सिद्धू-कान्हू जिला मैदान में आयोजित रावण दहन समारोह में शहर के गणमान्य नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए। परिवारों के साथ पहुंचे लोगों ने विशाल पुतलों के दहन और आतिशबाजी का आनंद लिया। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।

सार्वजनिक दशहरा एवं सूरज हॉल समिति ने समारोह को सफल और यादगार बनाने में सहयोग देने वाले सभी गणमान्य नागरिकों, श्रद्धालुओं, माताओं-बहनों, युवाओं, बच्चों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति ने कहा कि रामगढ़ की जनता के स्नेह, विश्वास और सहभागिता से ही आयोजन को इतनी भव्यता मिली। समिति ने भविष्य में भी इसी तरह सहयोग और समर्थन बनाए रखने की अपील की।

रामगढ़ का यह विजयदशमी समारोह धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया। विशाल पुतलों का दहन, आतिशबाजी, अतिथियों का सम्मान और हजारों लोगों की उपस्थिति ने इस शाम को यादगार बना दिया।