प्राचीन दुर्गा मंदिर में अपराजिता पूजन के बाद हुआ सिंदूर खेला, ‘आबार ऐशो मां’ की प्रार्थना के साथ दी गई विदाई

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रामगढ़ कैंट, झारखंड : चट्टी बाजार, गोला रोड स्थित श्री श्री प्राचीन दुर्गा मंदिर में विजयादशमी के पावन अवसर पर दशमी पूजा एवं अपराजिता पूजन वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इसके बाद महिलाओं ने पारंपरिक सिंदूर खेला में भाग लेकर मां दुर्गा को भावपूर्ण विदाई दी। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से सराबोर रहा।

मंदिर में सैकड़ों वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार पुरोहित प्रसनजीत बनर्जी तथा तंत्रधारक एवं मंत्रधारक संतोष चक्रवर्ती ने विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई।

पूजन के उपरांत सुहागिन महिलाओं ने पारंपरिक सिंदूर खेला में हिस्सा लिया। महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर अखंड सौभाग्य एवं अपने पति की लंबी आयु की कामना की। साथ ही मां भगवती जगदंबा से अगले वर्ष पुनः आगमन की प्रार्थना करते हुए ‘आबार ऐशो मां’ अर्थात ‘मां, अगले वर्ष फिर जल्दी आना’ का भावपूर्ण संदेश दिया।

इस वर्ष पांच दिवसीय दुर्गा पूजा के दौरान मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के दर्शन किए। पूजा के अवसर पर मंदिर कमेटी की ओर से लगातार पांच दिनों तक भंडारा एवं भोग वितरण की व्यवस्था की गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

आयोजन को सफल बनाने में मंदिर कमेटी के अध्यक्ष राहुल मजूमदार, सचिव युधिष्ठिर सिंह, कोषाध्यक्ष भीम कौशिक सिंह सहित पूजक सहयोगी गणेश सिंह, जादू सिंह, सुदर्शन सिंह, ऋषिकेश सिंह, सुमित सिंह, सूरज सिंह, विक्की सिंह, किशन सिंह एवं विवेक गोस्वामी समेत कमेटी के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।