रामगढ़ कैंट, झारखंड : पीढ़ियों से चली आ रही पुरखों की परंपरा का निर्वहन करते हुए प्राचीन दुर्गा मंदिर से मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन जुलूस निकाला गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा को भावभीनी विदाई दी। जुलूस में धार्मिक आस्था, पारंपरिक रीति-रिवाज और बंगाली संस्कृति की झलक देखने को मिली।
विसर्जन जुलूस सर्वप्रथम बंगाली टोला के बड़ा बखरी, छोटा बखरी तथा ड्योढ़ी बखरी पहुंचा। यहां महिलाओं ने मां दुर्गा की आरती उतारी और एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर पारंपरिक सिंदूर खेला की रस्म निभाई। इस दौरान महिलाओं ने मां से सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
इसके बाद सत्यनारायण मंदिर में पंडित जी ने मां दुर्गा की आरती उतारी। वहीं, लोहार लोटा स्थित बरमसिया काली मंदिर में रविन्द्र नाथ सिंह सहित महिलाओं ने मां की आरती की। इसके पश्चात विसर्जन जुलूस मुख्य मार्ग से होते हुए बीजुलिया तालाब पहुंचा।
बीजुलिया तालाब में विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां को विदाई दी और अगले वर्ष पुनः आगमन की प्रार्थना की।
विसर्जन जुलूस में राहुल मजूमदार, कौशिक सिंह, युधिष्ठिर सिंह, विक्रम सिंह, जीतू सिंह, जोगेश सिंह, पंडित दिनेश पाठक, संतोष सिंह, संजय सिंह, आशुतोष कुमार सिंह, सोमनाथ सिंह, ऋषिकेश सिंह, हुलास ठाकुर सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।