रामगढ़ में राशन कार्ड में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: 66 हजार से अधिक अपात्र लाभार्थियों के नाम होंगे डिलीट

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रामगढ़, झारखंड: रामगढ़ जिले में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले असली लाभुकों के अधिकार पर कब्जा जमाए अपात्र लोगों की पहचान की गई है। जिला आपूर्ति विभाग की ओर से 66,316 फर्जी या अपात्र राशन कार्ड धारकों की सूची तैयार की गई है, जिनके नाम राशन सूची से हटाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

किस आधार पर हुई पहचान?

इस कार्रवाई के पीछे राज्य सरकार द्वारा लागू केवाईसी प्रक्रिया है। लाभुकों के राशन कार्ड से जब आधार नंबर जोड़े गए, तो संबंधित दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक डिटेल्स, और जीएसटी डेटा सामने आए, जिससे कई अपात्र लोगों का भंडाफोड़ हुआ।

किन्हें माना गया अपात्र?

  • जिनकी सालाना आय छह लाख रुपये से अधिक है

  • जिनका जीएसटी टर्नओवर 25 लाख रुपये से ज्यादा है

  • सरकारी सेवा में कार्यरत लोग

  • जिनके पास फोर व्हीलर वाहन हैं

  • मृत व्यक्ति, जिनके नाम से अब तक राशन लिया जा रहा

  • 18 वर्ष से कम उम्र वाले जिनके पास एक से अधिक राशन कार्ड हैं

  • जो पिछले 6–12 महीने से राशन नहीं ले रहे

प्रखंडवार आंकड़े

प्रखंड

अपात्र लाभार्थी

गोला

17,002

मांडू

15,552

पतरातू

13,967

दुलमी

6,001

रामगढ़

5,401

चितरपुर

5,499

रामगढ़ छावनी परिषद

2,894

मृतकों के नाम पर उठाया जा रहा था राशन

केवाईसी में यह भी सामने आया कि सैकड़ों मृत लोगों के नाम पर राशन उठाया जा रहा था।

  • गोला में 1,019

  • मांडू में 1,725

  • पतरातू में 1,396 मृत व्यक्तियों के नाम अब भी राशन सूची में शामिल हैं।

कई लाभुकों की उम्र 100 वर्ष से अधिक दिखाई गई है, जबकि वे वास्तविक रूप से जीवित नहीं हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

जिला आपूर्ति पदाधिकारी रंजीता टोपो ने कहा:

“केवाईसी के दौरान आधार से सभी डिटेल्स का मिलान हो गया है। डीलरों और जनप्रतिनिधियों की मदद से घर-घर जाकर सर्वे कराया जा रहा है। जांच के बाद फर्जी नामों को सूची से हटाया जाएगा।”

निष्कर्ष

यह कार्रवाई न केवल सचेतनता और पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि इससे वास्तविक जरूरतमंदों को उनका हक दिलाने में मदद मिलेगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास कोई संदेहास्पद जानकारी हो, तो उसे संबंधित कार्यालय को सूचित करें।