निवर्तमान जिलाध्यक्ष मुन्ना पासवान को पुनः मौका नहीं देने पर दलित समाज में आक्रोश, कई दलित नेताओं ने बयान जारी कर जताया विरोध
रामगढ, झारखंड : आंबेडकर जनसंघर्ष मोर्चा के संस्थापक सह अध्यक्ष रंजीत राम ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेता अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों को हमेशा वोट बैंक के रूप में भंजाने का काम किया है। कांग्रेस पार्टी स्वयं को दलितों का हितेषी मानती है। वहीं अपने कांग्रेस पार्टी के दलित नेताओं पर अनदेखी करती है। श्री राम ने कहा कि उसका साफ प्रमाण है कि वर्तमान समय में मुन्ना पासवान जो दलित समाज से आते हैं उनको साजिश रचकर जिला अध्यक्ष पद से हटाते हुए कुर्मी समाज से विधायक ममता देवी को रामगढ़ का जिला अध्यक्ष बना दिया गया है। जब की वर्तमान समय में पूरा झारखण्ड प्रदेश में कुर्मी महतो समाज में और अनुसूचित जनजाति समाज (आदिवासी समाज) के बीच जोरदार आंदोलन चल रही है दोनों समाज के बीच तनाव कि स्थिति है । उसके बाद भी कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं के द्वारा यह दिखा दिया गया कि कांग्रेस पार्टी दलित व आदिवासी समाज के साथ कतई नहीं है। कांग्रेस पार्टी का दलित आदिवासी का हितेषी का मुखौटा हट गया है और हकीकत का चेहरा उजागर हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के साथ भी छल किया था जो जगजाहिर है। कांग्रेस पार्टी कई जिला में पुराने जिला अध्यक्षों पर ही भरोसा जताया है तो फिर दलित चेहरा पर भरोसा क्यों नहीं। कांग्रेस पार्टी दलित चेहरा को इग्नोर कर यह जग जाहिर कर दिया है। कांग्रेस पार्टी की यह दोहरी नीति को देख अनुसूचित जाति के लोगो का भरोसा टुटते जा रही है।
वहीं कालिंदी समाज के पुर्व जिला अध्यक्ष शंकर कालिंदी ने कहा कि मुन्ना पासवान जी जो एक दलित चेहरा थे और कांग्रेस पार्टी ने जिला अध्यक्ष पद से हटकर या साबित कर दिया कि कांग्रेस पार्टी दलित विरोधी है। सुपन समाज से रंजन कुमार ने कहा कि मुन्ना पासवान कांग्रेस पार्टी में अच्छा कार्य कर रहे थे उनका प्रदर्शन भी अच्छा था मुन्ना पासवान जी के चलते हमारे दलित समाज का झुकाव था । परंतु कांग्रेस पार्टी ने दलित विरोधी ही नहीं आदिवासी विरोधी भी कार्य कर के दिखा चुकी है। वहीं पासवान समाज से आने वाले राजेश पासवान ने भी कांग्रेस पार्टी का क्रियाकलापों से नाखुश होकर के विरोध जताया है।