सीजफायर पर भ्रम फैलाना सेना के मनोबल और राष्ट्र की सुरक्षा नीति को कमज़ोर करने की साजिश है : धनंजय कुमार पुटूस

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सीजफायर पर सांसद प्रतिनिधि धनंजय कुमार पुटूस का आया बयान

रामगढ़। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत की सामरिक नीति पहले से कहीं अधिक सशक्त, निर्णायक और आत्मनिर्भर बनी है। बावजूद इसके, हाल के दिनों में कुछ राजनीतिक दल और उनके समर्थक सीमा पर हुए सीजफायर को लेकर जिस प्रकार से भ्रामक प्रचार कर रहे हैं, वह न केवल देश की सुरक्षा नीति को लेकर लोगों में असमंजस फैलाने का कुत्सित प्रयास है, बल्कि इससे हमारी सेना के मनोबल पर भी कुठाराघात होता है।

भाजपा नेता व सांसद प्रतिनिधि (मीडिया) धनंजय कुमार पुटूस ने इस विषय पर अपनी गहरी चिंता प्रकट करते हुए कहा कि,
“सीजफायर कोई ‘समर्पण’ नहीं, बल्कि एक रणनीतिक विराम होता है। मोदी सरकार की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यह दुश्मन से न तो डरती है और न ही दबाव में आती है। सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक साहसिक सैन्य प्रतिक्रिया—ये सब उदाहरण हैं कि जब बात भारत की अखंडता और स्वाभिमान की आती है, तो मोदी सरकार निर्णायक कदम उठाने से पीछे नहीं हटती।”

उन्होंने यह भी कहा कि सीजफायर का उद्देश्य केवल गोलीबारी रोकना नहीं, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लाखों नागरिकों को राहत देना और सेना को पुनः संगठित करने का अवसर देना होता है।

“जो लोग सोशल मीडिया पर बैठे-बैठे सैन्य रणनीति को लेकर बयानबाज़ी करते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल बंदूक और बारूद से नहीं चलती, बल्कि दूरदर्शिता, कूटनीति और वैश्विक संतुलन भी उसका अहम हिस्सा होते हैं।”

सांसद प्रतिनिधि धनंजय कुमार पुटूस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अब प्रतिक्रियावादी नहीं, पहल करने वाला देश बन चुका है। आज दुनिया भारत को एक मज़बूत, निर्णायक और वैश्विक नेतृत्व देने वाले राष्ट्र के रूप में देखती है।
“मोदी जी की विदेश नीति और रक्षा नीति ने भारत की वैश्विक साख को जो ऊँचाई दी है, वह किसी राजनीतिक चश्मे से नहीं, बल्कि राष्ट्रहित के दृष्टिकोण से देखी जानी चाहिए।”

उन्होंने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि सेना, सुरक्षा और सीमाओं से जुड़े मुद्दों पर राजनीति करना देशहित में नहीं है।
“यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब हमारे जवान सीमाओं पर तैनात रहते हैं, कुछ लोग एसी कमरे में बैठकर सेना की रणनीति को लेकर ज़हरीली बयानबाज़ी करते हैं। ऐसे लोगों को न जनता माफ़ करेगी और न ही देश का इतिहास उन्हें याद रखेगा।”

अंत में उन्होंने आमजन से अपील की कि वे विपक्ष की भ्रामक बातों में न आएं और देश की सुरक्षा नीति पर पूरा विश्वास रखें।
“मोदी जी के नेतृत्व में भारत पहले से कहीं ज़्यादा सुरक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर है। विपक्ष का यह झूठा प्रचार केवल ध्यान भटकाने की कोशिश है, लेकिन देश की जनता अब जागरूक है और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानती है।”