रांची में सुगम यातायात की दिशा में तीन बड़ी सड़क योजनाओं को मिली मंजूरी 

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रांची, झारखंड : राजधानी रांची और अन्य शहरों में जाम और ट्रैफिक अव्यवस्था से निजात दिलाने के लिए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने तीन अहम सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। ये परियोजनाएं रांची की सड़कों को सिर्फ आधुनिक ही नहीं बनाएंगी, बल्कि लोगों की दैनिक आवाजाही को भी तेज और सुविधाजनक बनाएंगी।

मुख्यमंत्री को पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार द्वारा प्रस्तावित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई, जिसके बाद उन्होंने त्वरित डीपीआर तैयार कर कार्यारंभ के निर्देश दिए। साथ ही, मुख्यमंत्री ने अन्य शहरों में भी समग्र यातायात योजना तैयार करने को कहा है।

स्वीकृत प्रमुख परियोजनाएं :

1. अरगोड़ा चौक से चापू टोली तक एलिवेटेड फ्लाईओवर:

इस परियोजना के तहत लगभग 1.75 किमी लंबा और 10 मीटर चौड़ा फ्लाईओवर बनेगा, जबकि इसके नीचे 7 मीटर चौड़ी सड़क होगी। दोनों ओर ड्रेनेज सिस्टम और यूटिलिटी डक्ट होंगे। फ्लाईओवर में फुल लाइटिंग, सौंदर्यीकरण और साउंड बैरियर की सुविधा भी होगी। इससे अरगोड़ा, कटहल मोड़ और चापू टोली के बीच भारी ट्रैफिक से राहत मिलने की उम्मीद है।

2. करमटोली से साइंस सिटी तक फ्लाईओवर और रिंग रोड तक फोरलेन विस्तार:

इस परियोजना में 2.2 किमी लंबा फ्लाईओवर और 5 किमी से अधिक फोरलेन सड़क शामिल है, जो साइंस सिटी को रिंग रोड से जोड़ेगी। यह रांची के उत्तरी हिस्से को सीधे जोड़ने के साथ शहर के भीतरी ट्रैफिक दबाव को कम करेगा।

3. रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट तक वैकल्पिक फोरलेन मार्ग:

यह सड़क 4.7 किमी लंबी होगी, जिसमें 800 मीटर का एलिवेटेड सेक्शन भी शामिल है। दोनों ओर फुटपाथ और कवर साइकिल ट्रैक बनाया जाएगा, जिस पर सोलर पैनल लगे होंगे। ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, विश्रामस्थल, गज़ीबो, और बैठने की व्यवस्था इसे एक आधुनिक शहरी लिंक बनाएगी। इससे डोरंडा, हटिया और एचईसी क्षेत्र के नागरिकों को रेलवे स्टेशन तक तेज पहुंच संभव होगी।

अन्य योजनाओं पर भी मंथन जारी

मुख्यमंत्री ने हरमू मुक्तिधाम से रेडिसन ब्लू और हिनू पुल से जगन्नाथपुर तक प्रस्तावित फ्लाईओवर योजनाओं की भी समीक्षा की और उन्हें संभावित विकास सूची में शामिल करने पर सहमति जताई।

अन्य शहरों के लिए यातायात सुधार की पहल :

रांची के साथ-साथ राज्य सरकार जमशेदपुर, डालटनगंज और गढ़वा जैसे प्रमुख शहरों में भी ट्रैफिक का पुनर्गठन करने की दिशा में अग्रसर है:

  • जमशेदपुर-साकची फ्लाईओवर: 2.54 किमी लंबा प्रस्तावित पुल शहर के व्यस्ततम सड़कों पर दबाव कम करेगा।

  • डालटनगंज-गढ़वा वैकल्पिक कॉरिडोर: चारों दिशाओं को जोड़ने वाला यह एलिवेटेड कॉरिडोर ट्रैफिक का संतुलन बनाएगा।

  • एनएचएआई जंक्शन सुधार: रामगढ़, बरकाकाना, डालटनगंज जैसे क्षेत्रों में ट्रांजिशन पॉइंट्स पर दुर्घटनाएं रोकने हेतु व्यापक सुधार किए जाएंगे।

परियोजनाओं से अपेक्षित लाभ :

इन योजनाओं से सिर्फ जाम से राहत नहीं मिलेगी, बल्कि स्थानीय व्यापार, औद्योगिक गतिविधियां और निवेश को भी बल मिलेगा। परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर भी पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों की प्रगति की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि तय समयसीमा में कार्य पूरे हों।

मुख्यमंत्री ने कहा, “झारखंड को स्मार्ट और बेहतर कनेक्टिविटी वाला राज्य बनाना हमारी प्राथमिकता है। ये सड़क परियोजनाएं इसी दिशा में हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।”