झारखंड में लोग विदेश यात्रा को लेकर कम उत्साहित, पासपोर्ट धारकों के मामले में राज्य देश में सबसे पीछे

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रांची, झारखंड: विदेश यात्रा और पासपोर्ट बनवाने को लेकर झारखंड के लोग अब भी अपेक्षाकृत कम रुचि दिखा रहे हैं। हाल ही में विदेश मंत्रालय की “MEA परफॉर्मेंस स्मार्ट बोर्ड” रिपोर्ट (2025) के अनुसार, झारखंड की केवल 2.31% आबादी के पास ही वैध पासपोर्ट है। यह आंकड़ा न केवल राष्ट्रीय औसत (8.71%) से बहुत कम है, बल्कि देश के अधिकांश राज्यों की तुलना में भी काफी पीछे है।

रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड देशभर में पासपोर्ट धारिता के मामले में नीचे से चौथे स्थान पर है। झारखंड राज्य से भी नीचे छत्तीसगढ़ (1.54%), मध्यप्रदेश (2.21%) और मेघालय (2.22%) हैं।

वहीं, पड़ोसी राज्य बिहार में पासपोर्ट धारकों की संख्या झारखंड से थोड़ी बेहतर है, जहाँ 2.51% लोग पासपोर्टधारी हैं। हालांकि यह भी राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे है, लेकिन झारखंड की तुलना में स्थिति थोड़ी बेहतर मानी जा सकती है।

देश में किन राज्यों में है सबसे ज्यादा पासपोर्टधारी ?

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुछ राज्य विदेश यात्रा और पासपोर्ट धारिता के मामले में काफी आगे हैं:

  • केरल – 35.3%

  • गोवा – 31.3%

  • पंजाब – 28.8%

इन राज्यों में विदेशों में काम करने, शिक्षा ग्रहण करने और प्रवासी जनसंख्या अधिक होने के कारण पासपोर्ट धारिता की दर काफी ऊंची है।

क्या हैं कम रुचि के पीछे के संभावित कारण ?

विशेषज्ञों के मुताबिक, झारखंड और अन्य पिछड़े राज्यों में पासपोर्ट धारिता कम होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  • विदेश यात्रा की कम आवश्यकता या अवसर

  • आर्थिक सीमाएं और शिक्षा का अभाव

  • पासपोर्ट प्रक्रिया की जटिलता को लेकर भ्रांतियाँ

  • स्थानीय रोजगार व प्रवास के विकल्पों को प्राथमिकता

सरकार क्या कर रही है ?

सरकार द्वारा पासपोर्ट सेवा केंद्रों की संख्या बढ़ाने, डिजिटल प्रक्रिया को सरल बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों तक जागरूकता अभियान चलाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। झारखंड में फिलहाल रांची, जमशेदपुर, धनबाद और अन्य प्रमुख शहरों में पासपोर्ट सेवा केंद्र सक्रिय हैं, लेकिन दूर-दराज़ के जिलों में इसकी पहुंच अब भी सीमित है। झारखंड जैसे राज्य में जहां प्रवासी श्रमिकों की संख्या अधिक है, वहाँ पासपोर्ट धारिता कम होना चिंताजनक है। ज़रूरत है कि राज्य सरकार और प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान दें और आम लोगों को विदेश यात्रा और पासपोर्ट की महत्ता से अवगत कराएं।