बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने तीन साल के लिए देश में नए लॉ कॉलेज खोलने पर रोक लगाई

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झारखण्ड राज्य भी होगा इस आदेश से प्रभावित

रांची (झारखंड) : कानूनी शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए बार कौंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने अगले तीन वर्षों तक देश में किसी भी नए लॉ कॉलेज की स्थापना पर रोक लगा दी है। यह रोक 13 अगस्त को जारी आदेश के बाद से प्रभावी है। बीसीआई ने साफ कहा है कि इस अवधि में सभी मौजूदा लॉ कॉलेजों और शिक्षण केंद्रों की गहन जांच और ऑडिट की जाएगी। इस निर्णय का सीधा असर झारखंड पर भी पड़ा है — राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के बजट में रांची, हजारीबाग, पलामू, धनबाद और दुमका में पांच नए लॉ कॉलेज खोलने की घोषणा की थी, लेकिन अब यह प्रक्रिया अगले तीन वर्षों तक स्थगित रहेगी।

बीसीआई के आदेश की प्रमुख बातें

तीन साल तक नया लॉ कॉलेज खोलने की अनुमति नहीं मिलेगी।

मौजूदा कॉलेज बीसीआई की पूर्व लिखित अनुमति के बिना कोई नया सेक्शन या कोर्स शुरू नहीं कर सकेंगे।

जांच में मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर मान्यता रद्द की जा सकती है।

छात्रों को लेकर सख्त प्रावधान

सभी विश्वविद्यालय और लॉ कॉलेज छात्रों की आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच करेंगे।

छात्रों को अपनी शैक्षणिक व रोजगार स्थिति  घोषित करनी होगी।

बायोमीट्रिक उपस्थिति और सीसीटीवी निगरानी का पालन अनिवार्य।

किसी छात्र पर आपराधिक मामला साबित होने पर डिग्री और मार्कशीट रोक दी जाएगी।

क्यों उठाया गया यह कदम ?

बार कौंसिल ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में कम गुणवत्ता वाले लॉ संस्थानों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है। कई कॉलेज बिना पर्याप्त निरीक्षण और योग्य फैकल्टी के चल रहे हैं।
इसके चलते —

कानूनी शिक्षा का व्यावसायीकरण,

योग्य संकाय की कमी,

और शैक्षणिक कदाचार के मामले बढ़े हैं।

मुख्य बिंदु :-

बिंदु विवरण
झारखंड में मान्यता प्राप्त लॉ कॉलेज 9 (सरकारी और निजी मिलाकर)
जिन जिलों में नए कॉलेज प्रस्तावित थे रांची, हजारीबाग, पलामू, धनबाद, दुमका
देश में कुल लॉ कॉलेज लगभग 1,700
बीसीआई की रोक की अवधि 3 वर्ष (13 अगस्त 2025 से लागू)
जांच के तहत देखे जाने वाले मानक संकाय संख्या, इन्फ्रास्ट्रक्चर, छात्र–शिक्षक अनुपात, नैतिक आचार