उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: एनडीए और इंडिया गठबंधन की टक्कर, 9 सितंबर को होगा फैसला

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नई दिल्ली : देश में अब उपराष्ट्रपति पद के लिए मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। एनडीए और विपक्षी गठबंधन इंडिया  दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। एक ओर एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को मैदान में उतारा है, तो वहीं विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी पर दांव लगाया है।

अब सबकी निगाहें 9 सितंबर को होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जब सांसदों के वोटों से यह तय होगा कि देश का अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा।

चुनाव प्रक्रिया और जरूरी बहुमत

उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के कुल 782 सांसद मतदान करते हैं। इनमें 542 लोकसभा और 240 राज्यसभा सदस्य शामिल हैं।
निर्वाचन के लिए 392 मतों की आवश्यकता होती है, यानी कुल वैध मतों का साधारण बहुमत।

यह चुनाव गुप्त मतदान और एकल हस्तांतरणीय मत प्रणाली (Single Transferable Vote) के तहत होता है। सांसद अपनी पसंद के अनुसार प्राथमिकता क्रम में वोट डालते हैं।

किसके पास कितना समर्थन ?

सत्ता पक्ष यानी एनडीए के पास कुल 427 सांसदों का समर्थन बताया जा रहा है — जिसमें 293 लोकसभा और 134 राज्यसभा सदस्य हैं।
वहीं विपक्ष के पास 355 सांसद हैं — 249 लोकसभा और 106 राज्यसभा से।
बाकी 133 सांसदों का समर्थन निर्णायक साबित हो सकता है। दोनों ही पक्ष इन्हें अपने पक्ष में करने की कोशिश में जुटे हैं।

एनडीए उम्मीदवार : सीपी राधाकृष्णन

तमिलनाडु के तिरुपुर में जन्मे सीपी राधाकृष्णन का राजनीति में लंबा अनुभव रहा है। वह आरएसएस और जनसंघ से किशोरावस्था में ही जुड़ गए थे।
1998 और 1999 में वह कोयंबटूर से दो बार सांसद चुने गए।

उनके पास व्यवसाय प्रबंधन में स्नातक डिग्री है और वह एक अच्छे खिलाड़ी भी रहे हैं — टेबल टेनिस चैंपियन और लंबी दूरी के धावक के तौर पर।

वह झारखंड, तेलंगाना, पुडुचेरी और हाल ही में महाराष्ट्र के राज्यपाल रह चुके हैं।

इंडिया के उम्मीदवार : बी सुदर्शन रेड्डी

पूर्व न्यायमूर्ति बी सुदर्शन रेड्डी का न्यायिक सेवा में 16 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
वह आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के स्थायी जज, गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, और बाद में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश रह चुके हैं।
उन्होंने मार्च 2013 में गोवा के पहले लोकायुक्त के रूप में कार्यभार संभाला, लेकिन कुछ महीनों बाद निजी कारणों से इस्तीफा दे दिया।

9 सितंबर को चुनाव, उसी दिन नतीजा

उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 21 अगस्त, नामांकन की जांच 22 अगस्त, और नाम वापसी की अंतिम तिथि 25 अगस्त तय की गई है। 9 सितंबर को ही मतदान और परिणाम दोनों होंगे। यह चुनाव वर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों से अचानक इस्तीफा देने के बाद हो रहा है।

मुकाबला रोमांचक मोड़ ले पाता है या नहीं

जहाँ एक तरफ सीपी राधाकृष्णन का राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव है, वहीं बी सुदर्शन रेड्डी की न्यायिक पृष्ठभूमि उन्हें एक मजबूत वैकल्पिक उम्मीदवार बनाती है।
हालांकि, संख्याबल के लिहाज से NDA की स्थिति मजबूत है, लेकिन देखना यह होगा कि क्या विपक्ष और अन्य दलों के समर्थन से मुकाबला रोमांचक मोड़ ले पाता है या नहीं।

प्रस्तुति: प्रखर न्यूज नेटवर्क

साभार : डीएएस दिल्ली