कोयला तस्कर सीसीएल अधिकारी व कर्मियों की रैकी कर धमका रहे हैं, पुलिस भी डरा रही है सीसीएल के अधिकारियों व कर्मियों को

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रजरप्पा (रामगढ़), झारखंड : रजरप्पा क्षेत्र के कोयला तस्करों द्वारा सीसीएल के अधिकारियों के बीच भय का माहौल बनाया जा रहा है। इसमें रजरप्पा थाना पुलिस भी कोयला तस्करों को साथ दे रही है। ऐसा आरोप सीसीएल के रजरप्पा क्षेत्र के महाप्रंधक ने प्रेस बयान जारी कर लगाया है। सोमवार की रात महाप्रबंधक कल्याण जी प्रसाद व क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारी आशीष झा के नेतृत्व में रजरप्पा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चल रहे कोयला चोरी के खिलाफ अभियान चलाया था। इसमें पांच हाइवा को पकड़ा गया था। दो हाइवा सड़क पर कोयला गिरा कर भाग खड़े हुये। कोयला चोरी के खिलाफ सोमवार की रात चलाये गये अभियान में कोयला तस्करों ने सीसीएल के अधिकारियों व कर्मचारियों पर हमला कर दिया था तथा सुरक्षा पदाधिकारी के वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया था। काफी जद्दोजहद के बाद 48 घंटे बार रजरप्पा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी। अब बताया जा रहा है कि कोयला तस्कर सीसीएल के अधिकारियों की रैकी कर रहे हैं तथा रजरप्पा थाना में पुलिस कर्मी सीसीएल के लोगों को डरा रहे हैं। इस संबंध में सीसीएल के जीएम ने एक प्रेस बयान जारी किया है तथा पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।

महाप्रबंधक कल्याण जी प्रसाद ने कहा है कि इस घटना के बाद से हमारे अधिकारियों, कर्मचारियों तथा सुरक्षाकर्मियों की रेकी की जा रही है। साथ ही रजप्पा थाना के कुछ कर्मियों द्वारा धमकाया गया है कि केस क्यूँ किए, गवाही देते देते मर जाओगे। अगर हमारे अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो इसके लिए हम पुलिस प्रशासन से हथियारबंद सुरक्षा की मांग करते हैं साथ ही पुलिस से अनुरोध करते हैं कि अधिकारियों एवं कर्मियों बेवजह परेशान कर हतोत्साहित न करें। रजरप्पा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने कहा है कि मामला दर्ज कर लिया गया है तथा नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी ।

कोयला तस्करों व पुलिस के लिए शॉफ्ट टारगेट रहा है सीसीएल

सीसीएल हमेशा से पुलिस व कोयला तस्करों के लिए शॉफ्ट टारगेट रहा है। बगैर पुलिस प्रशासन के सहयोग व आदेश के कोयला तस्करी नहीं हो सकता है। लेकिन पुलिस व प्रशासन की हर मीटींग में सीसीएल को कोयला तस्करी नहीं रोक पाने के लिए दोषी ठहराया जाता रहा है। लेकिन अब जब खुल कर मैदान में सीसीएल कोयला तस्करी के खिलाफ उतरी है तो उसे पुलिस व प्रशासन का सहयोग नहीं मिल रहा है। इससे पूर्व भी भुचुंगडीह में अवैध कोयला खदान में आग लग गया था। यहां पूर्व में एक स्थानीय कोयला तस्कर द्वारा बड़े पैमाने पर कोयला निकाला गया था। यह जमीन वन विभाग की थी, कोयला पुलिस प्रशासन के शह पर कोयला तस्कर ने निकाला। लेकिन आग बुझाने का जिम्मा सीसीएल सूत्रों के अनुसार जबरन सीसीएल को दे दिया तथा आग बुझाने के क्रम में एक मजदूर आग लगे खदान में गिर गया। जिसका आज तक पता नहीं चला। इस कांड के लिए भी लोगों व प्रशासन का कोपभाजन सीसीएल को बनना पड़ा। बरसात के दिनों में कोयला तस्कर खदानों से अवैध उत्खनन बंद कर देते हैं। सोमवार की रात पांच जितने बड़े पैमाने पर कोयला जब्त किया गया। उससे स्पष्ट है कि वह कोयला सीसीएल के डीपो से उठाया गया था या रैक लोडिंग वाले कोयले में हेराफेरी किया गया था। सीसीएल का सुरक्षा विभाग अधिकार विहिन तथा पूरी तौर पर पुलिस विभाग पर निर्भर है। अभी हाल में करमा प्रोजेक्ट में भी सीसीएल के क्षेत्र में जबरन कोयला निकाल रहे लोगों पर चाल गिर गया तथा चार लोग मारे गये थे। इस कांड का भी ठीकरा सीसीएल के मत्थे फोड़ा गया। आश्चर्य जनक बात है कि अवैध कोयला खनन कर रहे लोगों के चाल धंसने पर मरने पर शवों को रख कर करमा प्रोजेक्ट का काम काज ठप कर दिया गया। इसमें तमाम दलों ने सहयोग किया तथा पुलिस व प्रशासन मूक दर्शक बना रहा। मुआवजे की घोषणा के बाद करमा प्रोजेक्ट कार्यालय से शवों को उठाया गया था। रजरप्पा क्षेत्र में कौन कोयला तस्करी कर रहा है तथा इन तस्करों को किसका समर्थन मिला हुआ है। यह किसी से छिपा हुआ नहीं है। इन परदे के पीछे के राजनैतकि तौर पर शक्तिशाली लोगों व प्रति वाहन मिलने वाले पैसे की वजह से पुलिस कठोर कार्रवाई करने से बचती है।