रामगढ़, झारखंड :रामानगर की एक महिला की हरकतों से परेशान होकर गुरुवार की संध्या सैकड़ों की संख्या में मरार व रामानगर के महिला पुरुषों ने रामगढ़ थाना पहुंच कर उक्त महिला के खिलाफ एक संयुक्त हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन थाना प्रभारी को दिया । ज्ञापन में महिला के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुषों ने उक्त महिला के खिलाफ अपने मोबाइल नंबर के साथ हस्ताक्षर किये गये हैं।
दिये गये आवेदन में लिखा गया है कि सुभद्रा अग्रवाल व उसके पुत्र हर्षवर्द्धन अग्रवाल से पूरा गांव व इलाका त्रस्त है। आवेदन में लिखा गया है कि उक्त महिला का शेखर जैन से वर्ष 2001 में विवाह हुआ था। उसके साथ यह महिला तरह तरह का तमाशा सरेआम करती थी। इससे अजीज आकर मुकदमें फंसने के डर इस महिला के सास ससुर किराये के घर में रहने लगे। इसके बाद उसने अपने भाइयों व गुंडोकं को बुला कर पति से मारपीट की तथा बीच बचाव करने वाले गांव वालों पर रेप केस में फंसाने की धमकी देते हुये केस कर दिया। लिखा गया है कि तत्कालीन पुलिस निरीक्षक वरुण पासवान ने केस की जांच की तथा केस को झूठा पाया था।
पति शेखर जैन झूठा मुकदमा में फंसने के डर से गांव छोड़ कर चला गया। आवेदन में यह भी लिखा गया है कि वर्ष 1994 में इस महिला ने एक सम्मानित डॉक्टर टी मिश्रा के खिलाफ बलात्कार का केस कर दिया था। जो साक्ष्य के आभाव में खारिज हो गया था। साथ ही इसने जाली सर्टिफिकेट के आधार पर पारा शिक्षक की नौकरी की। जांच के क्रम में मुखिया व शिक्षा विभाग के अधिकारी से भी उलझ गयी थी। साथ ही एक एनजीओ के नाम पर लोगों को तंग करने का भी आरोप लगाया गया है।
किसी को भी गाली देना, पुत्र द्वारा अनावश्यक वीडियो बना कर लोगों को परेशान करने के लिए सोशल मीडिया में डालने की शिकायत भी की गयी है। अभी बन रहे सड़क और नाली में महिला द्वारा लोगों को नाली में घर का नाली नहीं मिलाने की भी शिकायत की गयी है। सुभद्रा अग्रवाल के पूर्व के सारे केस की कॉपी भी आवेदन के साथ संलग्न किया गया है। थाना प्रभारी से महिला के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गयी है। आवेदन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, एसपी रामगढ़, एसडीओ रामगढ़ तथा एसडीपीओ रामगढ़ को भी प्रेषित की गयी है।