भारत दुनिया का शक्तिशाली देश बनेगा, भारत की संसदीय व्यवस्था और संविधान अभूतपूर्व : हरिवंश

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जानकारी लेते उप सभापति हरिवंश

एम विश्वेसरैया म्यूजियम का उप सभापति ने किया निरीक्षण, कहा : ऐसी संस्थाओं पर देश को गर्व

बंगलुरु से प्रखर न्यूज़ के लिए अशोक अकेला

बंगलुरु : भारत की संसदीय व्यवस्था और संविधान दोनों काफी मजबूत और अभूतपूर्व हैं। जो लोंग बंगला देश, नेपाल, पाकिस्तान का उदाहरण देते हैं, उन्हें पहले भारतीय संविधान और संसदीय प्रणाली के बारे में पहले लिख पढ़ लेना चाहिए, क्योंकि ऐसी मजबूत व्यवस्था दुनिया में कहीं नहीं हैं। यह कहना हैं राज्य सभा के उप सभापति हरिवंश का।

हरिवंश बंगलुरु में चल रहे तीन दिवसीय भारतीय संसदीय व्यवस्था राष्ट्रीय सेमिनार में भाग लेने के लिए पहुंचे थे । उन्होंने खास बातचीत करते हुए कहा कि भारत में लोकतंत्र काफी मजबूत हैं, दुनिया के लोगों को भारतीय लोकतान्त्रिक व्यवस्था का अध्ययन करना चाहिए,तब कोई टिप्पणी करनी चाहिए।

देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की चर्चा करते हुए राज्य सभा के उप सभापति ने कहा कि जिस विज्ञान की बात नरेन्द्र मोदी करते हैं, वह विज्ञान, आधुनिक इंजीनियरिंग सबकुछ एम विश्वेसरैया म्यूजियम में देखने को मिलता हैं, जिसके बल पर भारत दुनिया का सबसे ताकतवर देश बनने की ओर अग्रसर हैं। विश्वेसरैया म्यूजियम की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह का म्यूजियम सभी राज्यों में होना चाहिए जहां स्कूल, काॅलेज के विद्यार्थी जाकर देख सकें और अनुभव से नये नये प्रयोग कर सकें।

बंगलुरु  के होटल वेस्ट इंड के सभागार में आयोजित भारतीय संसदीय व्यवस्था सेमिनार में पहुंचे  देश सभी विधानसभा अध्यक्षों, विधायिका से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए हरिवंश ने कहा कि भारतीय लोकतान्त्रिक व्यवस्था का दुनिया में कोई मिशाल नहीं हैं। इस सेमिनार में लोकसभा अध्यक्ष, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उप मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार, मध्यप्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर आदि भाग ले रहे हैं