बरकाकाना स्टेशन पर पूर्व विधायक सुनिता चौधरी
रामगढ, झारखंड : कुड़मी को आदिवासी (एसटी) की सूची में शामिल करने की मांग को लेकर कुड़मी समाज का अनिश्चितकालीन रेल टेका डहर छेका आंदोलन रामगढ जिला में काफी असरदार रहा । आंदोलन शनिवार 20 सितंबर सुबह से शुरू हो गया था । बरकाकाना रेलवे स्टेनशन पर आंदोलन का व्यापक असर दिखा । वंदे भारत सहित कई एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ । कई ट्रेनों रद्द रहीं, जबकि कई को आंदोलनकारियों ने रोक दिया. इससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई. समाज के सैकड़ों लोग रेल पटरी पर उतर गए और पटरी जाम कर दिया ।समाचार लिखे जाने तक रात के आठ बजे तक पानी के बावजूद आंदोलन कारी स्टेशन व पटरियों पर जमे हुए हैं । बरकाकाना स्टेशन पर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किये गये थे। लेकिन वे लोगों को रोकने में असफल साबित हुये तथा वे केवल रेलवे के कार्यालयों में ही तैनात रहे।
सुबह आठ बजे से आंदोलनकारी बरकाकाना स्टेशन ढोल-नगाड़े के साथ पहुंच गए थे
सुबह आठ बजे ही बरकाकाना जंक्शन पर आंदोलन कारी ढोल नगाढ़े के साथ पहुंच गये थे। आंदोलन कारियों को स्टेशन के अंदन न जाने देने के लिए बैरिकेटिंग की गयी थी। लेकिन आंदोलनकारी बैरिकेटिंग तोड़ कर स्टेशन में प्रवेश कर गये तथा पटरियों पर बैठ गये। आंदोलन की वजह से रामगढ़ जिला से गुजरने वाली पटरियों से एक भी ट्रेन नहीं गुजर पायी। बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी समर्थकों के साथ ढोल-नगाड़े के साथ पहुंचे और रेल पटरी पर बैठ गए. वहीं रामगढ़ की पूर्व विधायक सुनीता चौधरी, आजसू नेता मनोज कुमार महतो, ब्रह्मदेव महतो, आदिवासी कुड़मी समाज के रामगढ़ जिलाध्यक्ष संतोष बसरियार, माथुर महतो, संतोष टिड़ीवार, पनेश्वर महतो, महेंद्र कुमार महतो, बिहारी महतो, गिरी शंकर महतो सहित समाज के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष रेल पटरी पर उतर गए और ट्रैक जाम कर दिया.
स्टेशन पर तैनात सुरक्षा बल

