रजरप्पा (रामगढ़), झारखंड : शारदीय नवरात्र के चौथे दिन बुधवार को रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिके मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। इस दिन देवी दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कुष्मांडा की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की गई। भोर से ही मंदिर परिसर में लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। झारखंड समेत बिहार, बंगाल और ओड़िशा से आए हजारों श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में मत्था टेक कर परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
भक्तों के “जय मां छिन्नमस्तिके” और “जय माता दी” के उद्घोष से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। नवरात्र विशेष के अवसर पर मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों से आकर्षक तरीके से सजाया गया था। गुलाब, गेंदा, लिली और ऑर्किड की सजीव सजावट ने पूरे स्थल को अनुपम आभा प्रदान की। दिन में फूलों की सुंदरता मन मोह रही थी, तो रात में दूधिया रोशनी में मंदिर परिसर किसी दुल्हन की तरह जगमगा उठा।
भक्त लगातार इस अद्भुत नजारे को देखने पहुंच रहे थे और मोबाइल व कैमरे में इसे संजो रहे थे। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालु प्रसाद तथा पूजन सामग्री की दुकानों पर भीड़ लगाते नजर आए। श्रद्धालुओं का कहना था कि रजरप्पा मंदिर का यह नजारा जीवन भर यादगार रहेगा और यहां की सकारात्मक ऊर्जा से मन प्रफुल्लित हो उठा है।
इधर, नवरात्र की रौनक का असर स्थानीय बाजारों में भी दिखा। पूजन सामग्री, श्रृंगार और मिठाइयों की दुकानों पर चहल-पहल बढ़ गई है। आने वाले दिनों में मां दुर्गा के अन्य स्वरूपों की आराधना को लेकर लोगों में गहरी आस्था और उत्साह देखा जा रहा है।