रामगढ़ (झारखंड) : रामगढ़ पुलिस को साइबर अपराध के एक बड़े मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। साइबर थाना कांड संख्या-05/26 से जुड़े मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान निखिल कुमार (27 वर्ष), पिता अशोक कुमार, निवासी सूर्यनगर रोड नंबर-04, थाना रामगढ़, जिला रामगढ़ के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी रामगढ गुरुनानक मोहल्ला निवासी विकास कुमार उर्फ विकास यादव पिता प्रकाश यादव ने पूछताछ के दौरान निखिल कुमार की संलिप्तता की जानकारी दी थी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक रामगढ़ को प्राप्त तकनीकी एवं मानवीय सूचनाओं के आधार पर विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।
घर से दबोचा गया आरोपी
साइबर अपराध थाना प्रभारी एवं पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) अकरम रजा के नेतृत्व में गठित टीम ने 29 मई 2026 को निखिल कुमार को उसके आवास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए।
तकनीकी जांच में इन मोबाइल फोन में लगे चारों सिम कार्ड फर्जी पाए गए। पुलिस ने बताया कि बरामद मोबाइलों में से एक मोबाइल का इस्तेमाल साइबर ठगी के मामले में पीड़िता के बैंक खाते में मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और नेट बैंकिंग सेवा सक्रिय कराने के लिए किया गया था।
पीड़िता के खाते में मंगाई गई थी 44 लाख रुपये की रकम
जांच में यह भी सामने आया है कि साइबर अपराधियों द्वारा पीड़िता के खाते में करीब 44 लाख रुपये की अवैध राशि मंगाई गई थी। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
बरामद सामान
पुलिस ने आरोपी के पास से निम्नलिखित सामान जब्त किया है:
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एक रियलमी कंपनी का एंड्रॉयड फोन, जिसमें दो फर्जी सिम लगे थे।
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एक रेडमी कंपनी का एंड्रॉयड फोन, जिसमें दो फर्जी सिम लगे थे।
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दो सैमसंग कंपनी के एंड्रॉयड फोन, जिनका उपयोग इंटरनेट कॉलिंग के लिए किया जाता था।
छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी
कार्रवाई में शामिल पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों में शामिल हैं:
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अकरम रजा, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय)-सह-थाना प्रभारी, साइबर अपराध थाना, रामगढ़
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दिगंबर पांडेय, साइबर अपराध थाना, रामगढ़
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विकास आर्यन, साइबर अपराध थाना, रामगढ़
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रंजीत कुमार यादव, साइबर अपराध थाना, रामगढ़
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जितेन्द्र कुमार पासवान, साइबर अपराध थाना, रामगढ़
पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध से जुड़े इस मामले की जांच जारी है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।